Heavy rain in UP : यूपी में मॉनसून का 'रौद्र रूप', कई जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी, अगले 48 घंटे बेहद भारी
UP weather alert : उत्तर प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इस बार इसकी वापसी काफी खतरनाक नज़र आ रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए एक ताजा और गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और तराई क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' घोषित किया गया है. यह इस सीजन की सबसे गंभीर चेतावनियों में से एक है.
क्या होता है 'रेड अलर्ट'?
रेड अलर्ट सबसे खतरनाक मौसम की स्थिति को दर्शाता है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में बहुत भारी बारिश (200 मिमी से ज़्यादा) होने की संभावना है, जिससे व्यापक नुकसान हो सकता है। प्रशासन से इस दौरान "कार्रवाई" करने और पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
किन जिलों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क?
मौसम विभाग के अनुसार इस रेड अलर्ट का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और मध्य यूपी के उन जिलों पर पड़ेगा जो नेपाल से सटे हैं और जहां बड़ी नदियां बहती हैं:
- गोरखपुर
- देवरिया
- कुशीनगर
- महाराजगंज
- बहराइच
- लखीमपुर खीरी
- श्रावस्ती
इन जिलों के अलावा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट ਹੈ.
क्या हैं बड़े खतरे?
इस 'आफत' की बारिश से कई तरह के खतरे पैदा हो गए हैं:
- अचानक बाढ़: छोटी नदियों और झरनों का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है, जिससे आस-पास के गांव डूब सकते हैं।
- शहरों में जलभराव: लगातार भारी बारिश के कारण शहरों में घुटनों तक पानी भर जाने और यातायात पूरी तरह ठप हो जाने का खतरा है।
- बिजली गिरने का खतरा: भारी बारिश के साथ-साथ तेज़ हवाएँ चलने और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
कच्चे मकानों को नुकसान: तेज़ हवाओं और बारिश से कमज़ोर और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचने का ख़तरा है।
लोगों को क्या सलाह दी गई है?
आईएमडी ने इन जिलों के लोगों को अगले 48 घंटों तक यथासंभव घरों के अंदर रहने की सख्त सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा करने से बचें और नदी-नालों के पास बिल्कुल न जाएँ। प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।