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March 27 2026 04:21 pm

बेंगलुरु के जेजे नगर में शोभायात्रा के दौरान बवाल, पत्थरबाजी के बाद भारी पुलिस तैनात

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News India Live, Digital Desk: बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर (JJ Nagar) इलाके में रविवार को माहौल अचानक तब गरमा गया, जब एक शोभायात्रा के दौरान जमकर पत्थरबाजी हो गई। जो माहौल कुछ देर पहले तक भक्ति और उत्साह से भरा था, वह देखते ही देखते तनाव में बदल गया। फिलहाल इलाके में पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई है और स्थिति को कंट्रोल में बताया जा रहा है।

अचानक कैसे शुरू हुआ विवाद?

मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके में भगवान राम की एक शोभायात्रा (जुलूस) निकाली जा रही थी। सब कुछ शांति से चल रहा था, लोग उत्साह में थे और डीजे पर गाने बज रहे थे। यह जुलूस जब एक धार्मिक स्थल के पास से गुजर रहा था, तभी वहां कुछ युवाओं के बीच कहासुनी हो गई। चश्मदीदों की मानें तो विवाद डीजे बजाने और नारे लगाने को लेकर शुरू हुआ था।

देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। और फिर अचानक भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे वहां भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सड़कों पर बिखरे पत्थर, पुलिस का एक्शन

पत्थरबाजी की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को थोड़ी सख्ती भी दिखानी पड़ी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया गया, तब जाकर उपद्रवी वहां से भागे। इस हंगामे में कुछ लोगों को मामूली चोटें भी आईं और जुलूस में शामिल कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुँचा है।

पूरे इलाके में 'खाकी' का पहरा

इस घटना के बाद से पूरे जेजे नगर और आसपास के चामराजपेट इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन तनाव साफ महसूस किया जा सकता है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। डीसीपी और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं ताकि दोबारा कोई गड़बड़ी न हो।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और जिन लोगों ने भी माहौल खराब करने की कोशिश की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

सवाल जो डराते हैं

अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या जुलूसों के दौरान छोटी सी बहस बड़े बवाल का रूप ले लेती है। बेंगलुरु जैसी हाई-टेक सिटी में ऐसी घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। फ़िलहाल पुलिस का सख्त पहरा है, लेकिन लोगों के मन में डर अभी भी बना हुआ है।