चंडीगढ़ में फ्री पेट्रोल और 500-1000 रुपये के नोट बांटने वाले 'राजा द किंग' कौन हैं? जानिए पैसों का स्रोत और आगे आईफोन बांटने का प्लान
देश के अलग-अलग हिस्सों में अक्सर लोगों की मदद के लिए तरह-तरह के भंडारे और लंगर लगाए जाते हैं, लेकिन इन दिनों देश के एक खास शहर में एक ऐसे अनोखे लंगर की चर्चा हो रही है जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में कभी पैसों का लंगर तो कभी पेट्रोल का लंगर लगाकर सुर्खियां बटोरने वाले एक शख्स इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर हर जगह चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। खुद को 'राजा द किंग' और 'दानवीर' कहलाने वाले राकेश त्रेहन इन दिनों अपने अनोखे अंदाज में जनता की मदद करने के कारण खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ में ऐसा ही एक हैरान करने वाला कारनामा किया है जिसके बाद लोग यह जानने के लिए बेताब हैं कि आखिर ये शख्स कौन है, इनके पास इतना पैसा कहां से आता है और इनकी अगली योजना क्या है। आइए जानते हैं इस वायरल शख्सियत और उनके अनोखे सेवा कार्यों के बारे में पूरी और विस्तृत जानकारी।
कौन हैं 'राजा द किंग' और क्या है उनका असली नाम
चंडीगढ़ और अमृतसर में अपनी दरियादली और अनूठे अंदाज के लिए चर्चा में आए इस शख्स का असली नाम राकेश त्रेहन है, जिन्हें लोग प्यार और शौक से 'राजा दी किंग' या 'राजा जी द किंग' के नाम से बुलाते हैं। मूल रूप से पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर के रहने वाले राकेश त्रेहन वर्तमान में चंडीगढ़ में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार की पृष्ठभूमि मुख्य रूप से व्यापार से जुड़ी रही है, लेकिन वे खुद को माता रानी का परम भक्त बताते हैं। उनका ऐसा मानना है कि उनके जीवन में जो कुछ भी है और वे जो भी सेवा कार्य कर रहे हैं, वह सब महामाई की विशेष कृपा और उनके आदेश पर ही हो रहा है। अपनी इसी अनूठी कार्यशैली और खुले हाथों से किए जाने वाले दान के कारण वे सोशल मीडिया पर रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन चुके हैं।
चंडीगढ़ में लगाया गया था पैसों, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का अनोखा लंगर
कुछ दिनों पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर के बाहर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सबको अश्मंजस में डाल दिया। आमतौर पर लंगर में पूड़ी-सब्जी या हलवा-प्रसाद बांटा जाता है, लेकिन 'राजा द किंग' द्वारा आयोजित इस लंगर में लोगों को फास्ट फूड यानी मशहूर ब्रांड के बर्गर, कोल्ड ड्रिंक के साथ-साथ सीधे 500-500 रुपये के नकद नोट बांटे गए। इस 'पैसों के लंगर' की खबर जैसे ही आसपास फैली, वहां भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को संभालने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों को बाउंसर्स तक तैनात करने पड़े। जरूरतमंदों को कूपन के जरिए यह मदद दी गई ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और हर हकदार तक सहायता पहुंच सके।
पैसों का लंगर और ई20 पेट्रोल का मुफ्त वितरण, जानिए कैसे होती है कमाई
जब इस तरह सरेआम नकद पैसे और मुफ्त वस्तुएं बांटने का सिलसिला सामने आया, तो लोगों और मीडिया के मन में यह सवाल उठना लाजिमी था कि आखिर इस भारी-भरकम राशि का स्रोत क्या है और इतना पैसा कहां से आता है। इस पर 'राजा द किंग' का कहना है कि वे मुख्य रूप से क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) और शेयर बाजार में निवेश करते हैं। उनका दावा है कि बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स से उन्हें भारी मुनाफा हुआ है, जिसका एक बड़ा हिस्सा वे समाज सेवा और गरीबों की भलाई पर खर्च करते हैं। इसके अलावा उन्हें अपने पारिवारिक व्यापार और पैतृक वसीयत से भी हिस्सा मिला है। जब उनसे वैधानिकता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी कमाई पूरी तरह साफ और कानूनी है तथा यदि इसमें कुछ भी गलत होता तो अब तक जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी होतीं। पैसों के बाद उन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल का लंगर भी लगाया, जहां वाहनों के लिए मुफ्त कूपन बांटे गए ताकि महंगाई के इस दौर में आम आदमी को राहत मिल सके।
भविष्य की बड़ी योजना: अब जनता के बीच आईफोन बांटने का प्लान
चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में अपनी दरियादली दिखाने के बाद 'राजा द किंग' के हौसले और उनकी भविष्य की योजनाएं काफी बड़ी नजर आ रही हैं। हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए उनके बयानों से यह खुलासा हुआ है कि वे केवल पेट्रोल और पैसों के लंगर तक ही सीमित नहीं रहने वाले हैं। उनकी आगामी योजनाओं में जनता के बीच बहुमूल्य गैजेट्स जैसे कि 'आईफोन' (iPhone) का लंगर लगाने की भी बड़ी प्लानिंग चल रही है। हालांकि उनके इन तौर-तरीकों को लेकर समाज और सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं; कुछ लोग इसे गरीबों की मदद करने का बेहतरीन और नया तरीका मानते हैं, तो कुछ इसे केवल पब्लिसिटी स्टंट करार देते हैं। इसके बावजूद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि 'राजा द किंग' का यह अनोखा अंदाज इन दिनों चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।