गुरुग्राम में जलभराव और जर्जर सड़कों पर भड़के केंद्रीय मंत्री, सीएम नायब सैनी से मिलकर तय की अधिकारियों की जवाबदेही

गुरुग्राम में जलभराव और जर्जर सड़कों पर भड़के केंद्रीय मंत्री, सीएम नायब सैनी से मिलकर तय की अधिकारियों की जवाबदेही

हरियाणा के साइबर सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती तस्वीरें इन दिनों लगातार सामने आ रही हैं, जहां थोड़ी सी बारिश या सीवर ओवरफ्लो होने के बाद सड़कों पर दरारें पड़ना, सड़क का अचानक धंस जाना और भारी जलभराव होना आम बात बन गई है। इस गंभीर समस्या ने न केवल आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि शहर के प्रशासनिक ढांचे और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का गुस्सा लगातार सातवें आसमान पर है क्योंकि आए दिन सड़कों के धंसने से बड़े हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसी बीच, क्षेत्र की जनता की आवाज बनकर आए केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और शहर की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग की है।

सीएम नायब सैनी के सामने राव इंद्रजीत सिंह ने रखी जनता की पीड़ा

गुरुग्राम की इस बद्तर ट्रैफिक व्यवस्था, जलभराव और धंसती सड़कों के स्थायी समाधान को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आमने-सामने विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने बेबाक अंदाज में मुख्यमंत्री के समक्ष गुरुग्राम की जमीनी हकीकत रखी और बताया कि किस तरह से खराब ड्रेनेज सिस्टम और घटिया निर्माण सामग्री के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुरुग्राम जैसे ग्लोबल बिजनेस हब शहर में इस तरह की बुनियादी समस्याएं होना बेहद शर्मनाक है और इससे राज्य सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने भी केंद्रीय मंत्री की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और शहर के विकास कार्यों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया।

लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि गुरुग्राम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और काम में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्ट और लापरवाह लोगों पर गा नहीं गिरेगी, तब तक शहर की दशा में सुधार नहीं हो सकता। केंद्रीय मंत्री ने मांग की है कि सड़कों के निर्माण और सीवर घोटाले या खराब रखरखाव के लिए जिम्मेदार हर एक दोषी अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।

मिलेनियम सिटी के विकास कार्यों पर उठ रहे बड़े सवाल

गुरुग्राम को देश-विदेश में एक आधुनिक मिलेनियम सिटी और तकनीकी हब के रूप में जाना जाता है, जहाँ दुनिया भर की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां और लाखों लोग रहते हैं। इसके बावजूद, जरा सी मानसूनी बारिश या आंतरिक जल निकासी की खराबी के कारण सड़कों का धंस जाना और जगह-जगह पानी भर जाना यहाँ की एक स्थायी बीमारी बन चुकी है। शहरवासी पिछले कई सालों से नगर निगम और हुडा (HSVP) के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला है। राव इंद्रजीत सिंह के इस सख्त हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन नींद से जागेगा और गुरुग्राम की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर मास्टर प्लान तैयार कर उस पर तेजी से अमल करेगा।