झज्जर में दर्दनाक सड़क हादसा: बेरी-गोच्छी रोड पर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार

झज्जर में दर्दनाक सड़क हादसा: बेरी-गोच्छी रोड पर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार

हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन करने जा रहे एक हंसते-खेल्ते परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से जा टकराई। यह भीषण हादसा झज्जर के बेरी-गोच्छी मार्ग (Beri-Gohchi Road) पर हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

इस भयंकर हादसे में परिवार की दो महिलाओं यानी सास और बहू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा और क्या थी परिवार की योजना

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार अपनी कार में सवार होकर माता भीमेश्वरी देवी के दरबार में माथा टेकने और विशेष पूजा-अर्चना करने के लिए जा रहा था। परिवार के सभी सदस्य इस धार्मिक यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित थे और रास्ते में सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन जैसे ही उनकी कार बेरी-गोच्छी रोड के एक सुनसान और घुमावदार हिस्से के पास पहुंची, अचानक ड्राइवर का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह छूट गया।

तेज रफ्तार गाड़ी सड़क से उतरकर सीधे पटरी के किनारे खड़े एक पुराने और मजबूत पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और अंदर बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने जब जोरदार धमाके की आवाज सुनी, तो वे तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

सास और बहू की मौके पर ही मौत, अन्य परिजन गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती

इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में कार में सवार बुजुर्ग सास और उनकी बहू को सबसे ज्यादा गंभीर चोटें आईं। सिर और सीने पर भारी आघात लगने के कारण दोनों महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं गाड़ी चला रहे अन्य पारिवारिक सदस्य और पीछे बैठे बच्चे गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में कार के मलबे में फंस गए थे।

सूचना मिलते ही बेरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत झज्जर के नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई (PGI Rohtak) रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई, सड़क सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि गाड़ी की रफ्तार बहुत ज्यादा तेज थी या फिर अचानक ड्राइवर को झपकी आने की वजह से यह संतुलन बिगड़ा होगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने यह भी शिकायत रखी है कि बेरी-गोच्छी मार्ग के इस हिस्से पर सड़क किनारे रोशनी की उचित व्यवस्था न होने और पेड़ों पर रिफ्लेक्टर न लगे होने के कारण रात और सुबह के समय ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के तमाम तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे की असली वजह क्या थी।

त्योहारों और यात्रा के सीजन में सड़क सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान

यह हृदय विदारक घटना एक बार फिर से हम सभी को यह सोचने पर मजबूर करती है कि सफर के दौरान यातायात नियमों का पालन करना और वाहन की गति पर नियंत्रण रखना कितना जरूरी है। थोड़ी सी असावधानी या जरा सी चूक पलभर में हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकती है।

माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन करने की आस लेकर निकले इस परिवार का सफर इस तरह मातम में बदल जाएगा, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। प्रशासन और पुलिस लगातार वाहन चालकों से अपील कर रहे हैं कि लंबी यात्राओं पर निकलते समय पूरी सतर्कता बरतें, नींद पूरी रखें और तय सीमा के भीतर ही गाड़ी चलाएं ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।