परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार

पंजाब में नशा विरोधी मुहिम के बुलंद चेहरे परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से ही पूरे राज्य में उपजे भारी आक्रोश और तनाव के बीच पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को पड़ोसी राज्य राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सालासर से धर दबोचा है। आरोपी हत्या के बाद अपनी पहचान छुपाने और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए राजस्थान भाग निकला था और सालासर इलाके में छिपा बैठा था। पंजाब पुलिस ने गुप्त सूचना और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रैक की और स्थानीय राजस्थान पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त और ताबड़तोड़ छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लाने की तैयारी में जुट गई है।

लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान सरेआम मारी गई थी गोली, वारदात का खौफनाक मंजर

यह पूरी घटना उस वक्त बेहद भयानक और सनसनीखेज मोड़ ले चुकी थी जब नशा तस्करों के खिलाफ बेबाकी से आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा अपने सोशल मीडिया हैंडल से लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) कर रहे थे। वे अपने लाखों समर्थकों और देश भर के लोगों को पंजाब में नशे की समस्या और स्थानीय नशा तस्करों के ठिकानों के बारे में जानकारी दे ही रहे थे कि तभी घात लगाकर आए हमलावर ने अचानक सामने से आकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। लाइव वीडियो के दौरान चली गोलियों की आवाज और परविंदर झोटा के खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरने का खौफनाक मंजर हजारों लोगों ने अपनी आंखों से लाइव देखा। इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया था, बल्कि पूरे देश में डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस भी छिड़ गई थी।

नशे की लत से लेकर सामाजिक बदलाव तक का सफर और ड्रग्स माफिया की साजिश

परविंदर सिंह झोटा पंजाब में युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुके थे, क्योंकि उन्होंने खुद नशे के काले साए से बाहर निकलकर ड्रग्स माफिया के खिलाफ एक व्यापक और निडर जन-आंदोलन खड़ा किया था। साल 2023 से ही वे उस क्षेत्र के बाजारों में नशा तस्करों का पर्दाफाश कर रहे थे और स्थानीय युवाओं को खेल तथा पुनर्वास केंद्रों से जोड़ रहे थे। उनकी इस बढ़ती लोकप्रियता और नशा तस्करों के काले नेटवर्क पर हो रहे लगातार प्रहारों से ड्रग्स माफिया बुरी तरह तिलमिलाया हुआ था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात साफ तौर पर निकलकर सामने आ रही है कि इस हत्याकांड के तार बड़े नशा तस्करों और संगठित आपराधिक गिरोहों (Drug Cartels) से जुड़े हुए हैं, जिन्होंने परविंदर झोटा की आवाज को हमेशा के लिए दबाने के लिए इस भाड़े के शूटर का इस्तेमाल किया था।

पुलिस की कड़ी पूछताछ और मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की अगली बड़ी तैयारी

मुख्य आरोपी की सालासर से हुई इस गिरफ्तारी ने इस पूरे आपराधिक मामले में न्याय की उम्मीद जगा दी है। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों, बैकअप के लिए मौजूद अन्य साथियों और इस हत्याकांड की साजिश रचने वाले मुख्य मास्टरमाइंड्स का पता लगाया जा सके। इस बीच, परविंदर झोटा के समर्थकों और राज्य भर के सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई त्वरित अदालत (Fast Track Court) में की जाए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पंजाब में नशा तस्करों और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।