रोहतक में कांग्रेस दफ्तर के सामने वकील की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: कनपटी पर मिली गोली

रोहतक में कांग्रेस दफ्तर के सामने वकील की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत: कनपटी पर मिली गोली

हरियाणा की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बहुत बड़ी, चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। खेल और शिक्षा के हब के रूप में पहचाने जाने वाले रोहतक (Rohtak) शहर में स्थित मुख्य कांग्रेस कार्यालय के ठीक सामने एक वकील की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक वकील की कनपटी पर गोली का निशान मिलने के बाद से ही इस घटना ने एक गंभीर आपराधिक रहस्य का रूप ले लिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह घटना उस वक्त घटी जब एक लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी, जिसका वीआईपी नंबर '0001' था, मौके पर मौजूद थी और उसमें पूर्व पार्षद के पति प्रदीप नारा (Pradeep Nara) भी सवार बताए जा रहे हैं। दिनदहाड़े शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाके में इस प्रकार एक पेशेवर वकील की संदेहास्पद मौत ने न केवल वकीलों के समुदाय में भारी रोष पैदा कर दिया है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आज के इस विस्तृत और जमीनी आलेख में हम आपको रोहतक की इस सनसनीखेज घटना की पूरी पृष्ठभूमि, पुलिस की शुरुआती जांच और घटनास्थल पर मचे बवाल के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

कांग्रेस दफ्तर के सामने हुई इस दर्दनाक घटना की शुरुआती और अंदरूनी कहानी

घटना के दिन रोहतक शहर के उस मुख्य मार्ग पर हमेशा की तरह आम दिनों जैसी चहल-पहल थी, तभी अचानक एक गोली चलने की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। जब आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक जाने-माने वकील खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े हुए हैं और उनकी कनपटी पर गोली का घाव साफ दिखाई दे रहा था। शुरुआती चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना एक वीआईपी नंबर '0001' वाली स्कॉर्पियो गाड़ी के इर्द-गिर्द घटित हुई है। गाड़ी के अंदर और आसपास की स्थितियों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मामला या तो आपसी रंजिश, किसी गंभीर विवाद या फिर आकस्मिक रूप से चली गोली का हो सकता है। जैसे ही यह खबर शहर में आग की तरह फैली, वकीलों का एक बड़ा हुजूम मौके पर और बाद में अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गया, जिससे प्रशासनिक अमले में भी अफरा-तफरी मच गई और तुरंत भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पूर्व पार्षद के पति प्रदीप नारा और स्कॉर्पियो गाड़ी की भूमिका पर टिकी पुलिस की नजरें

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब स्थानीय लोगों और पुलिस जांच में पूर्व पार्षद के पति प्रदीप नारा का नाम इस स्कॉर्पियो गाड़ी और घटनाक्रम से जुड़ा हुआ पाया गया। पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि घटना के वक्त गाड़ी के भीतर या ठीक बाहर कौन-कौन लोग मौजूद थे और क्या वकील की मौत किसी सोची-समझी साजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई अन्य निजी विवाद था। प्रदीप नारा और उनके सहयोगियों की संदेहास्पद स्थिति को लेकर पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है। रोहतक पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) और क्राइम ब्रांच की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं, और गाड़ी के अंदर से मिलने वाले फिंगरप्रिंट्स तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि असलियत क्या थी। किसी भी प्रभावशाली राजनीतिक या सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति का नाम आने के बाद से इस मामले में राजनीतिक और पुलिसिया दबाव भी काफी बढ़ गया है।

वकीलों में भारी आक्रोश और रोहतक पुलिस प्रशासन के सामने कड़ी चुनौती

रोहतक जिला बार एसोसिएशन और स्थानीय वकीलों ने अपने साथी अधिवक्ता की इस प्रकार संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द से जल्द इस मामले के असली सच का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वकीलों का कहना है कि दिनदहाड़े शहर के बीचों-बीच इस तरह की वारदात होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की पोल खोलता है। रोहतक के एसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और वकीलों को निष्पक्ष जांच का पूरा भरोसा दिलाया है और यह आश्वासन दिया है कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के दायरे से बाहर नहीं बच पाएगा। पुलिस अब कॉल डीटेल रिकॉर्ड (CDR), आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और चश्मदीदों के बयानों को आपस में जोड़कर इस अंधे कत्ल या हादसे की गुत्थी को सुलझाने में दिन-रात एक कर रही है।

देवभूमि और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

हरियाणा के इस प्रमुख शहर में घटी इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को रेखांकित कर दिया है कि किस प्रकार अवैध हथियार और असामाजिक तत्व कानून को ठेंगा दिखाकर शहर का माहौल खराब कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण राजनीतिक जगह के सामने इस तरह की वारदात होना सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा तमाचा है। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग भी इस घटना के बाद से काफी सहमे हुए हैं और प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि शहर में हथियारों की चेकिंग और संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही पर सख्त रोक लगाई जाए। आने वाले कुछ घंटों और दिनों में पुलिस इस मामले में कोई बड़ा खुलासा कर सकती है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि यह दुखद घटना एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी हुई थी।