जीवन कुंडू हत्याकांड: 14 दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, हांसी-हिसार रोड जाम और मुख्य आरोपी रमेश फरार
हरियाणा के हिसार जिले में दिल दहला देने वाला जीवन कुंडू हत्याकांड अब एक बड़ा जन-आंदोलन और प्रशासनिक संकट बनता जा रहा है। घटना को 14 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। न्याय की मांग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के विरोध में गुस्साए लोगों ने हांसी-हिसार मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिससे हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों सुलग रहा है हिसार?
यह पूरा दर्दनाक मामला हिसार के सूर्यनगर इलाके का है, जहां 4 अगस्त की सुबह डेयरी संचालक जीवन कुंडू पर उसके ही पड़ोसियों ने कातिलाना हमला कर दिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार, जीवन जब अपनी बाइक पर ट्रॉली लगाकर गोबर डालने जा रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी रमेश और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से जीवन को तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह पूरी तरह बेहोश होकर जमीन पर नहीं गिर गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत से पहले सामने आए एक वीडियो में जीवन ने खुद अपने ऊपर हुए जुल्म और हमलावरों के नाम बयां किए थे, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।
14 दिन बीतने के बाद भी मुख्य आरोपी रमेश पुलिस की गिरफ्त से दूर
हत्या की इस गंभीर घटना के बाद से ही स्थानीय लोग, विभिन्न खाप पंचायतें और किसान संगठन लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुछ अन्य आरोपियों को दबोच लिया है और कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ गया है, परंतु इस हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी रमेश अभी भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इसके बावजूद मुख्य आरोपी के पुलिस के हाथ न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शव रखकर सड़क जाम और किसानों-खाप पंचायतों का भारी समर्थन
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी से खफा परिजनों ने यह ठान लिया है कि जब तक मुख्य आरोपी रमेश सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता, तब तक वे जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी जिद और न्याय की आस में पिछले दो हफ्ते से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। बात तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने हांसी-हिसार रोड पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन को बल देने के लिए कई बड़े किसान नेता और खाप प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए हैं, जिससे यह मामला केवल एक पारिवारिक या स्थानीय विवाद न रहकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। प्रदर्शनकारियों की दो टूक मांग है कि आरोपियों पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन पर दबाव और भविष्य की बड़ी चेतावनी
दिन-प्रतिदिन बिगड़ते हालात को देखते हुए हिसार पुलिस और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हाइवे जाम होने के कारण आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार दबिश दे रहे हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है, साथ ही उनके विदेश भागने की आशंका को लेकर लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों और परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही मुख्य आरोपी रमेश को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।