हरियाणा के हिसार में सीएम नायब सैनी के कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल! पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव

हरियाणा के हिसार में सीएम नायब सैनी के कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल! पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव

हरियाणा के हिसार जिले के हांसी में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक तनाव देखने को मिला है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ध्वजारोहण कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। यह पूरा विवाद कुछ दिन पहले हुए चर्चित डेयरी संचालक जीवन कुंडू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी के विरोध में उपजा है। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस बल पर जमकर पथराव कर दिया। इस हिंसक संघर्ष में हांसी के एसपी और डीएसपी समेत दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

जीवन कुंडू हत्याकांड और न्याय की मांग को लेकर सुलग रहा है आक्रोश

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले हिसार में घटी एक दर्दनाक घटना से जुड़ी हुई है। हिसार में 4 अगस्त को डेयरी संचालक जीवन कुंडू की कुछ लोगों द्वारा लाठी-डंडों से पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में हालांकि पुलिस ने अब तक कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिस कारण स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और विभिन्न खाप पंचायतों में भारी रोष व्याप्त है। न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में किसान संगठनों और स्थानीय लोगों ने पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि यदि मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे हांसी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का विरोध दर्ज कराएंगे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले हांसी में छावनी में बदला इलाका

मुख्यमंत्री के दौरे और विरोध प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा था। हांसी आने वाले सभी प्रमुख मार्गों और रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था तथा कड़े पहरे के बीच नाकाबंदी की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर और पैदल ही कार्यक्रम स्थल यानी राजकीय महाविद्यालय के पास पहुंचने में कामयाब हो गए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की जिद पर अड़े हुए थे, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। जैसे ही भीड़ बैरिकेड्स पार कर कार्यक्रम के करीब पहुंचने लगी, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

पुलिस का लाठीचार्ज और उग्र भीड़ का करारा पथराव

तनाव जब चरम पर पहुंच गया तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान पुलिस की सख्ती से कई प्रदर्शनकारियों के सिर फूट गए और वे लहूलुहान हो गए। इस कार्रवाई से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिस दल पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस जोरदार पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस झड़प और पत्थरबाजी में हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार और एक डीएसपी (DSP) को भी गंभीर चोटें आईं। हालात को संभालने के लिए एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा और चोट लगने के बाद उन्होंने हाथ पर रुमाल बांधकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। बचाव में पुलिस ने भी स्थिति पर काबू पाने के लिए जवाबी कार्रवाई की।

राजनीतिक समर्थन और क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इस हिंसक झड़प के बाद इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। हंगामे और तनाव के बीच कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित तथा प्रदर्शनकारी किसानों के बीच जाकर उनका समर्थन करने का ऐलान किया। उन्होंने इस संघर्ष में हरसंभव साथ देने का वादा किया है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और सुरक्षा में सेंध लगाने तथा पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब संवाद और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के जरिए माहौल को शांत करने का प्रयास कर रहा है।

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