कंबोडियन गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए 12 घंटे के पैरोल पर जेल से बाहर आया गैंगस्टर मैनपाल
अपराध की दुनिया और प्रेम प्रसंगों के किस्से अक्सर फिल्मी कहानियों जैसे लगते हैं, लेकिन जब हकीकत परदे से बाहर आकर सामने आती है, तो बड़े-बड़े निर्देशक भी हैरान रह जाते हैं। अपराध जगत के गलियारों से इस समय एक ऐसी ही बेहद अनोखी, हैरान करने वाली और फिल्मी कथा से भी ज्यादा दिलचस्प खबर सामने आई है। देश के एक कुख्यात और चर्चित गैंगस्टर मैनपाल को अपनी कंबोडियन प्रेमिका के साथ सात फेरे लेने और शादी के बंधन में बंधने के लिए अदालत से मात्र 12 घंटे का विशेष पैरोल (Parole) मिला है, जिसके तहत वह भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जेल से बाहर आया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस गैंगस्टर और उसकी विदेशी प्रेमिका के पहले से ही चार बच्चे हैं, जिनके भविष्य और सामाजिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए यह शादी कराई गई है। आइए इस अनोखे और हाई-प्रोफाइल विवाह, गैंगस्टर की लव स्टोरी और इस पूरी घटना के हर पहलू की पूरी और गहरी समीक्षा करते हैं।
गैंगस्टर मैनपाल और कंबोडियन गर्लफ्रेंड की यह अनोखी प्रेम कहानी
क्राइम फाइल और पुलिस रिकॉर्ड में खूंखार अपराधियों की फेरिस्त में शुमार रहने वाले गैंगस्टर मैनपाल के जीवन का यह पहलू हर किसी को अचंभित कर रहा है। आखिर एक भारतीय अपराधी और कंबोडिया की रहने वाली एक विदेशी युवती के बीच प्यार की यह दास्तान कैसे परवान चढ़ी, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जब मैनपाल अपने आपराधिक नेटवर्क या किसी अन्य सिलसिले में विदेश से जुड़े संपर्कों के संपर्क में था, तब उसकी मुलाकात इस कंबोडियन युवती से हुई थी। धीरे-धीरे यह जान-पहचान गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई और वह युवती अपना देश छोड़कर भारत आ गई। इन दोनों के रिश्ते की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कानूनी बंदिशों और जेल की सलाखों के बावजूद दोनों के चार बच्चे हैं। अब जाकर जब बच्चों के भविष्य और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने का समय आया, तो इस जोड़े ने विधिवत रूप से शादी करने का फैसला किया।
12 घंटे का विशेष पैरोल और भारी पुलिस सुरक्षा के बीच शादी की रस्में
जेल के अंदर बंद किसी कुख्यात कैदी को अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए अदालत से पैरोल मिलना कोई आम बात नहीं है। मैनपाल के वकीलों ने अदालती प्रक्रिया का सहारा लेते हुए यह दलील दी कि एक नागरिक के रूप में विवाह करना और अपने बच्चों को वैधानिक पहचान देना उसका मौलिक अधिकार है। अदालत और प्रशासनिक अधिकारियों ने तमाम सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा करने के बाद उसे केवल 12 घंटे का सीमित पैरोल मंजूर किया। निर्धारित दिन और समय पर जब गैंगस्टर मैनपाल भारी-भरकम पुलिस बल और हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के पहरे में जेल से बाहर आया, तो इलाके में सनसनी फैल गई। विवाह स्थल पर चारों तरफ पुलिस का पहरा था और कानून के कड़े साए के बीच इस अनोखे जोड़े ने तमाम रस्में पूरी कीं और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए।
चार बच्चों के पिता बनने के बाद शादी करने का यह कानूनी और सामाजिक पहलू
समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिकों के लिए यह मामला एक बहुत बड़ा केस स्टडी बन चुका है कि किस प्रकार अपराध की दुनिया में रहने वाले लोग भी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और रिश्तों को निभाने के लिए कानूनी दांवपेच का सहारा लेते हैं। जब किसी जोड़े के पहले से ही चार बच्चे हों और वे बिना किसी सामाजिक या वैधानिक मान्यता के साथ रह रहे हों, तो बच्चों के स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट और भविष्य के अधिकारों को लेकर कई तरह की कानूनी अड़चनें आती हैं। कंबोडियन मूल की प्रेमिका और गैंगस्टर मैनपाल ने शायद इन्हीं दूरगामी समस्याओं को समझते हुए आखिरकार समाज के सामने अपनी इस रिश्ते को एक पवित्र और कानूनी जामा पहनाने का निर्णय लिया। हालांकि, कंबोडिया से ताल्लुक रखने वाली इस महिला को भारतीय कानूनी व्यवस्था और जेल के इस माहौल के बीच किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा, इसकी कल्पना सहज ही की जा सकती है।
अपराध की दुनिया और व्यक्तिगत जीवन के बीच की यह अनोखी कशमकश
यह पूरी घटना इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अपराध की दुनिया में भले ही इंसान क्रूरता और कानून के खिलाफ जाकर अपने रास्ते चुनता है, लेकिन उसके भीतर भी एक परिवार, भावनाएं और रिश्तों की एक अलग दुनिया होती है। 12 घंटे की यह पैरोल अवधि खत्म होने के बाद गैंगस्टर मैनपाल को वापस उसी सलाखों के पीछे लौटना पड़ा, जहां उसके पिछले गुनाहों की सजा उसका इंतजार कर रही है। उसकी कंबोडियन पत्नी और चार बच्चों के लिए यह पल बेहद भावनात्मक और संघर्षपूर्ण रहा होगा। यह खबर सोशल मीडिया और मुख्यधारा के समाचार पत्रों में आते ही वायरल हो गई है, और लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या अपराध की पृष्ठभूमि वाले लोगों को इस तरह की पारिवारिक रियायतें मिलनी चाहिए या नहीं। बहरहाल, मैनपाल और उसकी विदेशी प्रेमिका की यह अनोखी शादी भारतीय समाज और अपराध जगत के इतिहास में एक लंबे समय तक याद रखी जाने वाली घटना बन चुकी है।