लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, जानें आम यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर
हरियाणा की लाइफलाइन मानी जाने वाली सरकारी रोडवेज बसों के पहिए दो दिनों के लिए पूरी तरह थमने वाले हैं। अपनी लंबे समय से लटकी मांगों को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी और विभिन्न श्रमिक यूनियनों ने राज्यव्यापी हड़ताल और चक्का जाम का बड़ा ऐलान कर दिया है। रोडवेज कर्मचारियों के इस उग्र रुख के चलते दो दिनों तक प्रदेश भर में सरकारी बस सेवाएं पूरी तरह ठप रहने वाली हैं। रोजमर्रा के कामों, नौकरियों, स्कूलों और कॉलेजों के लिए बसों से सफर करने वाले लाखों आम यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी पुरानी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है।
#1 लंबित मांगों को लेकर रोडवेज यूनियनों का हल्लाबोल और चक्का जाम की वजह
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का यह गुस्सा पिछले काफी समय से सुलग रहा था। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार और परिवहन विभाग के आला अधिकारी बार-बार बैठकों में उनकी जायज मांगों को मानने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन धरातल पर उन फैसलों को लागू नहीं किया जा रहा है। हड़ताल पर जाने वाले मुख्य कारणों में चालकों और परिचालकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना, खाली पड़े पदों पर पक्की भर्ती करना, नए कर्मचारियों के लिए नीति बनाना और बेड़े में नई सरकारी बसों को शामिल करना शामिल है। यूनियनों का कहना है कि किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा देने के बजाय विभाग को खुद के संसाधनों से सशक्त बनाया जाना चाहिए ताकि जनता को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सेवा मिल सके।
#1 पूरे प्रदेश में बस अड्डों पर पसरेगा सन्नाटा और यात्रियों की बढ़ेगी फजीहत
दो दिवसीय हड़ताल के चलते अंबाला, हिसार, रोहतक, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र सहित राज्य के सभी प्रमुख बस अड्डों पर बसों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रहने वाली है। रोजाना करीब 25 लाख से अधिक यात्री हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में चक्का जाम के चलते अंतरराज्यीय (Interstate) और अंतरजिला (Interdistrict) रूटों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ जाने वाले मुसाफिरों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ेगी। बसों की अनुपलब्धता का सीधा फायदा प्राइवेट कैब चालकों, ऑटो रिक्शा और निजी बस संचालकों द्वारा उठाने की आशंका है, जो यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर सकते हैं।
#1 परिवहन विभाग की वैकल्पिक व्यवस्था और कर्मचारियों से बातचीत की कवायद
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल की घोषणा के बाद हरियाणा परिवहन विभाग और राज्य प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए विभाग ने कुछ वैकल्पिक इंतजाम करने के दावे किए हैं, हालांकि कर्मचारियों के भारी विरोध के बीच इन व्यवस्थाओं का सुचारू रूप से चलना आसान नहीं होगा। जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन को बस अड्डों और वर्कशॉप्स के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना या जबरन बसें रोकने की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारी हड़ताल को टालने और बीच का रास्ता निकालने के लिए रोडवेज तालमेल कमेटी के नेताओं से लगातार संपर्क साध रहे हैं।
#1 यात्रियों के लिए जरूरी सलाह: सफर पर निकलने से पहले जांच लें बसों की स्थिति
अगर आप भी अगले दो दिनों के भीतर हरियाणा या इसके पड़ोसी राज्यों में सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो बेहद सावधानी बरतें। निजी वाहनों, रेलवे अथवा वैकल्पिक साधनों का चुनाव करना आपके सफर को आसान बना सकता है। बस अड्डों पर जाने से पहले स्थानीय रोडवेज इंक्वायरी नंबरों पर संपर्क करके बसों के संचालन की स्थिति अवश्य जान लें। यदि बेहद जरूरी काम न हो तो लंबी दूरी की यात्रा से परहेज करें ताकि आप किसी भी प्रकार की असुविधा, स्टेशन पर लगने वाले लंबे जाम या जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ से सुरक्षित रह सकें।