खजुराहो स्पेशल ट्रेन के संचालन को लेकर फरीदाबाद और पलवल के यात्रियों में निराशा

खजुराहो स्पेशल ट्रेन के संचालन को लेकर फरीदाबाद और पलवल के यात्रियों में निराशा

भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए समय-समय पर नई स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन कई बार रेलवे के तकनीकी कारणों और रूट के जंक्शन मैनेजमेंट के चलते स्थानीय यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया जाता है। देश के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल खजुराहो से दिल्ली और एनसीआर के रूट पर चलाई जाने वाली एक नई स्पेशल ट्रेन को लेकर उत्तर भारत के यात्रियों में भारी उत्साह था, लेकिन अब जो ताजा अपडेट सामने आया है, उसने फरीदाबाद और पलवल के हजारों दैनिक रेल यात्रियों को निराश कर दिया है। रेलवे बोर्ड के नए आदेशों के अनुसार, खजुराहो से चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन अपने तय रूट पर आगे की तरफ यानी दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन तक सफर करने के बजाय हरियाणा के पलवल से पहले ही स्थित रूंधी (Rundhi) रेलवे स्टेशन तक आकर वापस लौट जाएगी। इस फैसले के बाद से स्थानीय रेल यात्रियों और श्रमिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि इस ट्रेन के संचालन से उन्हें राजधानी दिल्ली तक सीधी और सुगम कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

क्यों रूंधी स्टेशन तक सीमित कर दी गई ट्रेन? रेलवे के तकनीकी और ऑपरेशनल कारण

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस स्पेशल ट्रेन के मार्ग को छोटा करने और इसे रूंधी स्टेशन पर ही टर्मिनेट करने के पीछे मुख्य रूप से रेलवे नेटवर्क पर भारी ट्रैफिक, पटरियों की व्यस्तता और यार्ड रिमॉडलिंग का काम बताया जा रहा है। फरीदाबाद और पलवल के बीच का यह रेल सेक्शन देश के सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार है, जहां पहले से ही राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत, शताब्दी और दर्जनों लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा लोकल ईएमयू (EMU) ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। नई ट्रेनों के आने से दिल्ली के मुख्य स्टेशनों जैसे नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार पर प्लेटफॉर्मों की भारी कमी और शंटिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसी ऑपरेशनल चुनौती से निपटने के लिए रेलवे ने यह व्यावहारिक निर्णय लिया है कि खजुराहो से आने वाली इस स्पेशल ट्रेन को बीच रास्ते में ही रोककर वापस भेज दिया जाए, ताकि मुख्य लाइनों पर ट्रेनों का संचालन बाधित न हो।

फरीदाबाद, पलवल और आसपास के दैनिक यात्रियों को क्यों उठाना पड़ेगा नुकसान

फरीदाबाद और पलवल औद्योगिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जहां उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार से आने वाले लाखों लोग रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में निवास करते हैं। खजुराहो और बुंदेलखंड क्षेत्र के साथ इस बेल्ट का सीधा संपर्क होने के कारण यात्रियों को लंबे समय से एक बेहतर सीधी ट्रेन की दरकार थी। जब इस स्पेशल ट्रेन के चलने की घोषणा हुई थी, तो फरीदाबाद और पलवल के लोगों को लगा था कि उन्हें अब मध्य प्रदेश की यात्रा करने के लिए दिल्ली या पलवल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लेकिन ट्रेन के रूंधी स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त कर देने के कारण यात्रियों को इसका कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पाएगा। रूंधी एक छोटा स्टेशन है जहां से फरीदाबाद या दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को या तो सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा या फिर किसी लोकल ट्रेन का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होगी।

यात्रियों की मांग और भविष्य में ट्रेन के विस्तार को लेकर क्या हैं उम्मीदें

इस फैसले के सामने आने के बाद स्थानीय रेल यात्री संघों, व्यापार मंडलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस ट्रेन के रूट की दोबारा समीक्षा की जाए। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेन को फरीदाबाद या पलवल तक पूर्ण रूप से संचालित नहीं किया जा सकता है, तो कम से कम इसे बेहतर समय सारणी के साथ जोड़ा जाए ताकि दैनिक यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। रेलवे के जानकारों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में जब पलवल-मथुरा चौथे लाइन प्रोजेक्ट और यार्ड के विकास का काम पूरी तरह से पूरा हो जाएगा, तब ऐसी ट्रेनों को दिल्ली के मुख्य स्टेशनों तक विस्तार देने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, खजुराहो स्पेशल ट्रेन का लाभ फरीदाबाद और पलवल के यात्रियों को न मिलने से निराशा का माहौल है, और सभी की निगाहें रेलवे के अगले आधिकारिक निर्देशों पर टिकी हुई हैं।