झारखंड में आयकर का महा-सर्वे बाबा ग्रुप के 40 से ज्यादा ठिकानों पर रेड, 450 अफसरों की टीम ने खंगाले दस्तावेज

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News India Live, Digital Desk:  झारखंड और बिहार के बड़े औद्योगिक घरानों में शुमार 'बाबा ग्रुप' (बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग) पर आयकर विभाग ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को तड़के सुबह से ही बड़ी स्ट्राइक शुरू की है। विभाग की रांची और जमशेदपुर विंग ने एक साथ झारखंड और बिहार के 40 से 45 ठिकानों पर छापेमारी की। 2026 की यह पहली और सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें बाबा ग्रुप के निदेशकों योगेश साहू और ज्ञान प्रकाश साहू के साथ-साथ उनके करीबियों और एजेंटों को रडार पर लिया गया है।

कहां-कहां हुई छापेमारी? (Locations in Focus)

यह ऑपरेशन इतना विशाल था कि इसमें सीआरपीएफ (CRPF) और स्थानीय पुलिस के साथ 450 से अधिक आयकर अधिकारी और 15 फोरेंसिक टीमें शामिल रहीं:

झारखंड: रांची (कांके रोड, रातू रोड), जमशेदपुर (बिष्टुपुर और जुगसलाई), हजारीबाग।

बिहार: पटना, गया (हाथ गोदाम और मानपुर), औरंगाबाद (महाराजगंज रोड)।

प्रमुख ठिकाने: जमशेदपुर में व्यवसायी संजय अग्रवाल और सीए मनोज चौधरी के आवास पर भी दबिश दी गई। नगड़ी स्थित राइस मिल प्लांट को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।

रेड की मुख्य बातें (Investigation Highlights)

विवरणमुख्य तथ्य
प्रायोजित समूहबाबा एग्रो फूड लिमिटेड, बाबा फूड प्रोसेसिंग इंडिया लिमिटेड।
मुख्य आरोपबड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और 'कच्चे' (बिना रिकॉर्ड वाले) व्यापार का संचालन।
बरामदगीभारी मात्रा में नकद लेन-देन के दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और निवेश के कागज।
फोकस एरियाधान की खरीद, बिजली बिल और मिलों की वास्तविक उत्पादन क्षमता का मिलान।

क्यों हुई यह कार्रवाई? (The Root Cause)

आयकर विभाग को पुख्ता इनपुट मिला था कि बाबा ग्रुप चावल, आटा और मैदा के कारोबार की आड़ में वास्तविक आय छिपा रहा है।

कच्चा व्यापार: गया और औरंगाबाद के करीब 15 बड़े आढ़तियों (कमीशन एजेंट) के जरिए नकद में अनाज की खरीद-फरोख्त की जा रही थी, जिसका रिकॉर्ड बुक्स में नहीं था।

इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का खेल: विभाग को संदेह है कि टैक्स बचाने के लिए फर्जी बिलिंग का सहारा लिया गया।

अघोषित निवेश: छापेमारी में रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में किए गए भारी निवेश के साक्ष्य मिले हैं, जो घोषित आय से कहीं अधिक हैं।

 क्या है बाबा ग्रुप?

बाबा ग्रुप झारखंड का सबसे बड़ा चावल उत्पादक समूह है। इसके 'बाबा' ब्रांड के तहत बासमती चावल, आटा और मैदा पूरे पूर्वी भारत में प्रसिद्ध हैं। विभाग अब यह जांच रहा है कि क्या बिहार से धान की खरीद और झारखंड में उसकी प्रोसेसिंग के दौरान 'नकद के खेल' से सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया गया है।

ताजा स्थिति: छापेमारी आज (शुक्रवार) भी जारी है। कई सीए और अकाउंटेंट जांच की भनक लगते ही फरार हो गए हैं। विभाग जल्द ही जब्त किए गए कैश और संपत्तियों का आधिकारिक ब्योरा साझा कर सकता है।

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