ग़रीबों के लिए सरकार का सबसे बड़ा तोहफ़ा ,प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को 5 साल का विस्तार
News India Live, Digital Desk : केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को एक बहुत बड़ा तोहफा देते हुए 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PMGKAY) को अगले पांच सालों के लिए बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को दिसंबर 2028 तक मुफ़्त में अनाज मिलना जारी रहेगा। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया और इसका उद्देश्य देश में किसी भी गरीब को भूखा न सोने देना है।
क्या है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना?
यह भारत सरकार की एक बहुत बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसकी शुरुआत कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में की गई थी। इसका मकसद लॉकडाउन और आर्थिक संकट के समय गरीबों और प्रवासी मजदूरों को भूखे रहने से बचाना था। शुरुआत में इसे कुछ महीनों के लिए ही लॉन्च किया गया था, लेकिन इसकी ज़रूरत को देखते हुए सरकार इसे लगातार आगे बढ़ाती रही।
योजना के तहत क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
इस योजना के तहत लाभार्थियों को सिर्फ़ मुफ़्त अनाज ही नहीं, बल्कि कई और फ़ायदे भी मिलते हैं।
- मुफ़्त अनाज: यह इस योजना का सबसे बड़ा और मुख्य लाभ है।
- प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH) राशन कार्ड धारकों को हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूँ या चावल) बिलकुल मुफ़्त मिलता है।
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले परिवारों को प्रति परिवार 35 किलो अनाज हर महीने मुफ़्त दिया जाता है।
- यह अनाज, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले राशन के अतिरिक्त नहीं है, बल्कि अब NFSA के तहत मिलने वाले अनाज को ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अगले पांच सालों के लिए पूरी तरह मुफ़्त कर दिया गया है।
- वित्तीय सहायता और अन्य लाभ (जो महामारी के दौरान पैकेज का हिस्सा थे): जब 2020 में इस योजना को एक बड़े पैकेज के रूप में लॉन्च किया गया था, तब इसमें डायरेक्ट कैश ट्रांसफ़र जैसे लाभ भी शामिल थे।
- ग़रीब महिलाओं के जन-धन खातों में सीधी नकद रक़म भेजी गई थी।
- बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी गई थी।
- किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत अग्रिम किस्त दी गई और मनरेगा मज़दूरों की दिहाड़ी बढ़ाई गई थी।
कौन हैं इस योजना के लाभार्थी?
इस योजना का लाभ उन सभी लोगों को मिलता है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आते हैं। इसमें मुख्य रूप से ये लोग शामिल हैं:
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH) के राशन कार्ड धारक।
- भूमिहीन खेतिहर मज़दूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर (जैसे कुम्हार, बुनकर, लोहार)।
- शहरों में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले और दिहाड़ी मज़दूरी पर निर्भर लोग (जैसे कुली, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने वाले)।
- सभी पात्र बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार।
कैसे उठाएं इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास सिर्फ़ एक वैध राशन कार्ड होना चाहिए। आप 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना के तहत देश के किसी भी कोने में स्थित सरकारी राशन की दुकान (Fair Price Shop) पर जाकर अपने हिस्से का मुफ़्त अनाज ले सकते हैं। इसके लिए आपको दुकान पर बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) सत्यापन कराना होता है।
सरकार का यह फ़ैसला यह सुनिश्चित करेगा कि अगले पांच सालों तक देश के किसी भी ग़रीब को अपनी दो वक़्त की रोटी के लिए चिंता करने की ज़रूरत न पड़े।