BREAKING:
April 14 2026 10:58 am

Google Pay Pocket Money : अब बिना बैंक अकाउंट के भी बच्चे कर सकेंगे UPI पेमेंट, गूगल पे लाया कमाल का फीचर

Post

News India Live, Digital Desk: भारत में डिजिटल क्रांति को एक नया आयाम देते हुए दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने अपने लोकप्रिय पेमेंट ऐप 'गूगल पे' (GPay) में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। कंपनी ने पॉकेट मनी' (Pocket Money) नाम का एक नया फीचर पेश किया है, जो खास तौर पर बच्चों और उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिनका अपना बैंक अकाउंट नहीं है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के 'यूपीआई सर्किल' (UPI Circle) फ्रेमवर्क पर आधारित यह फीचर अब बच्चों को डिजिटल ट्रांजैक्शन की आजादी देगा, लेकिन माता-पिता के पूरे कंट्रोल के साथ।

क्या है 'पॉकेट मनी' फीचर और यह कैसे काम करता है?

गूगल पे का यह फीचर एक 'प्राइमरी और सेकेंडरी' मॉडल पर काम करता है। इसमें माता-पिता 'प्राइमरी यूजर' होंगे, जिनका बैंक अकाउंट गूगल पे से लिंक है। वहीं, बच्चा 'सेकेंडरी यूजर' होगा। इस फीचर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बच्चे को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए अपना खुद का बैंक अकाउंट खोलने की जरूरत नहीं है। वह अपने माता-पिता के अकाउंट से सीधे पेमेंट कर सकेगा। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपने बच्चे को घर से बाहर जाते समय कैश जेबखर्च देते हैं, बस अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है।

दो तरह के कंट्रोल: पैरेंट्स के हाथ में होगी खर्च की लगाम

गूगल ने इस फीचर में सुरक्षा का खास ध्यान रखा है। माता-पिता के पास कंट्रोल के दो विकल्प होंगे:

फुल डेलिगेशन (मंथली लिमिट): पैरेंट्स अपने बच्चे के लिए ₹15,000 तक की मासिक सीमा तय कर सकते हैं। इस लिमिट के अंदर बच्चा बिना बार-बार अनुमति लिए पेमेंट कर पाएगा।

पार्शियल डेलिगेशन (हर पेमेंट पर अप्रूवल): इस मोड में बच्चा जब भी कहीं क्यूआर कोड स्कैन करेगा, तो पेमेंट तभी सफल होगा जब माता-पिता अपने फोन से उसे 'अप्रूव' करेंगे।

सेटअप करने की बेहद आसान प्रक्रिया

अगर आप भी अपने बच्चों के लिए यह डिजिटल पॉकेट मनी शुरू करना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

अपने फोन में गूगल पे ऐप खोलें और 'प्रोफाइल' आइकन पर क्लिक करें।

नीचे स्क्रॉल करें और 'UPI Circle' विकल्प को चुनें।

'Add Secondary User' पर क्लिक करें और अपने बच्चे का मोबाइल नंबर चुनें (ध्यान रहे कि उनके फोन में भी GPay रजिस्टर होना चाहिए)।

बच्चे के फोन से उनका 'UPI Circle QR' कोड स्कैन करें।

अब अपनी सुविधा अनुसार मंथली लिमिट या 'अप्रूव एव्री पेमेंट' का विकल्प चुनें और इनवाइट भेजें।

क्यों जरूरी है यह नया बदलाव?

यह फीचर उन किशोरों (13-18 वर्ष) के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो कॉलेज या ट्यूशन जाते समय छोटे-मोटे खर्चों के लिए नकद पर निर्भर रहते थे। इससे न केवल बच्चे डिजिटल रूप से साक्षर बनेंगे, बल्कि माता-पिता भी अपने बच्चों के खर्चों पर रीयल-टाइम नज़र रख सकेंगे। गूगल पे का यह कदम भारत में कैशलेस इकोनॉमी को और मजबूत करेगा, खासकर युवा पीढ़ी के बीच जो अब बिना किसी बैंक झंझट के सुरक्षित तरीके से डिजिटल दुनिया का हिस्सा बन सकेगी।