सोना हुआ मिट्टी 41 साल बाद सर्राफा बाजार में आई ऐसी तबाही, औंधे मुंह गिरे दाम खरीदने वालों की लगी लॉटरी
News India Live, Digital Desk: वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल और युद्ध की आशंकाओं के बीच सर्राफा बाजार से एक ऐसी खबर आई है जिसने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं। सोने की कीमतों में वैसी गिरावट दर्ज की गई है जैसी साल 1983 के बाद कभी नहीं देखी गई। 41 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सोने के दाम एकाएक धड़ाम हो गए हैं। इस ऐतिहासिक गिरावट ने जहां निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है, वहीं शादी-ब्याह के सीजन से पहले आम ग्राहकों के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं है।
1983 के बाद सबसे बड़ी गिरावट: क्या है वजह?
बीते कुछ महीनों से सातवें आसमान पर पहुंच रहे सोने के दाम में आई इस गिरावट ने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर लिए गए फैसलों का असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं पर पड़ा है। 1983 के बाद यह पहली बार है जब सोने की कीमतों में एक ही झटके में इतनी बड़ी कमी आई है। इस 'गोल्ड क्रैश' ने बाजार की चमक को फिलहाल फीका कर दिया है, लेकिन खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं।
युद्ध के माहौल में क्यों टूटा सोना?
आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव की स्थिति में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसके दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार समीकरण उल्टे नजर आ रहे हैं। अमेरिका की मजबूत आर्थिक नीतियों और डॉलर के बढ़ते प्रभुत्व ने सोने की मांग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम कर दिया है। बड़े निवेशकों द्वारा सोने की बिकवाली और नकदी (Cash) की ओर रुख करने की वजह से कीमतों में यह भारी गिरावट आई है। इजरायल और मिडिल ईस्ट के तनाव के बावजूद सोने का इस तरह गिरना आर्थिक जगत के लिए एक बड़ा संकेत है।
आम ग्राहकों और निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबे समय से सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह 'गोल्डन चांस' है। 41 साल की इस सबसे बड़ी गिरावट के बाद बाजार में फिर से तेजी आने की संभावना बनी रहती है, इसलिए गिरावट के इस दौर में खरीदारी करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। हालांकि, छोटे निवेशकों को अभी बाजार की स्थिरता का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। अगर आप भी गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह मौका हाथ से जाने न दें।