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March 26 2026 03:35 am

Zomato Platform Fee Hike : ऑनलाइन खाना मंगाना हुआ और भी महंगा, जोमैटो ने फिर बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस

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News India Live, Digital Desk : अगर आप भी घर बैठे ऑनलाइन खाना मंगाने के शौकीन हैं, तो आपकी जेब पर अब थोड़ा और बोझ बढ़ने वाला है। देश की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने एक बार फिर अपनी प्लेटफॉर्म फीस (Platform Fee) में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने चुपचाप अपने ऐप पर इन दरों को अपडेट कर दिया है, जिससे अब हर ऑर्डर पर लगने वाला एक्स्ट्रा चार्ज पहले के मुकाबले बढ़ गया है। बता दें कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी अपने मुनाफे को सुधारने के लिए इसी तरह के कदम उठा रही हैं।

कितनी बढ़ी प्लेटफॉर्म फीस? जानें नया रेट

जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस को 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये (GST के बिना) कर दिया है। टैक्स (18% GST) शामिल करने के बाद, ग्राहकों को अब हर ऑर्डर पर लगभग 17.58 रुपये सिर्फ प्लेटफॉर्म फीस के तौर पर देने होंगे। यानी अब आपको हर बार खाना मंगाने पर करीब 2.40 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। यह नई दरें 20 मार्च 2026 से पूरे भारत में लागू कर दी गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि अगस्त 2023 में जब जोमैटो ने पहली बार यह फीस शुरू की थी, तब यह मात्र 2 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 7 गुना से ज्यादा हो चुकी है।

क्यों बढ़ रहे हैं बार-बार दाम?

कंपनी की ओर से इस बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों ने डिलीवरी लागत को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, एलपीजी (LPG) की कमी और बढ़ती परिचालन लागत (Operating Costs) की वजह से भी प्लेटफॉर्म्स पर दबाव है। जोमैटो का लक्ष्य अपने बिजनेस मॉडल को अधिक प्रॉफिटेबल बनाना है। चूंकि जोमैटो रोजाना लाखों ऑर्डर डिलीवर करता है, इसलिए प्रति ऑर्डर 2 रुपये की मामूली बढ़ोतरी भी कंपनी के तिमाही मुनाफे में 60-65 करोड़ रुपये का इजाफा कर सकती है।

स्विगी और अन्य कंपनियों से मुकाबला

जोमैटो की इस बढ़ोतरी के बाद अब वह अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी स्विगी (Swiggy) के लगभग बराबर आ गया है, जो फिलहाल करीब 14.99 रुपये (टैक्स सहित) प्लेटफॉर्म फीस वसूल रहा है। वहीं, मार्केट में नया खिलाड़ी 'मैजिकपिन' (magicpin) फिलहाल 14.20 रुपये चार्ज कर रहा है और उसने फिलहाल दाम न बढ़ाने का फैसला लिया है। दूसरी ओर, रैपिडो (Rapido) ने भी 'ओनली' (Ownly) नाम से अपनी सर्विस शुरू की है, जो फिलहाल कोई प्लेटफॉर्म फीस नहीं लेने का दावा कर रही है। ऐसे में देखना होगा कि ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए ये कंपनियां आने वाले समय में क्या रणनीति अपनाती हैं।