Gold Price Mystery: सोने के भाव में क्यों आई 'सुनामी'? अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने खोला राज, चीन के सट्टेबाजों पर फोड़ा ठीकरा
वाशिंगटन/बिजनेस डेस्क। पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में आए अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ने दुनिया भर के निवेशकों को हक्का-बक्का कर दिया है। सोने की चमक में आई इस 'सुनामी' के पीछे के असली कारणों से अब पर्दा उठ गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए इस अस्थिरता के लिए सीधे तौर पर चीन के सट्टेबाजों को जिम्मेदार ठहराया है।
बेसेंट के अनुसार, सोने की कीमतों का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना और फिर अचानक गिरना कोई सामान्य बाजार प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक 'क्लासिक स्पेकुलेटिव ब्लोऑफ' था—यानी सट्टेबाजी से फूला हुआ एक ऐसा गुब्बारा जिसे अंततः फटना ही था।
चीन में मार्जिन की सख्ती से धड़ाम हुआ सोना
ट्रेजरी सचिव ने बताया कि चीन के बाजारों में सोने की ट्रेडिंग इतनी अनियंत्रित और सट्टेबाजी पर आधारित हो गई थी कि वहां के नियामकों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मार्जिन रिक्वायरमेंट्स: चीनी अधिकारियों ने जैसे ही ट्रेडिंग के लिए 'मार्जिन' नियमों को सख्त किया, सट्टेबाजों के पास नकदी का संकट खड़ा हो गया।
पोजीशन काटना: नकदी की कमी के चलते सट्टेबाजों ने आनन-फानन में अपनी पोजीशन बेचना शुरू किया, जिससे रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहा सोना अचानक नीचे गिर गया। बेसेंट का मानना है कि सोने की हालिया मजबूती ठोस आधार के बजाय सट्टेबाजी की हवा पर टिकी थी।
Dow Jones ने रचा इतिहास: पहली बार 50,000 के पार
एक तरफ जहां सोना गिर रहा है, वहीं अमेरिकी शेयर बाजार ने नया इतिहास लिख दिया है। Dow Jones इंडेक्स ने पहली बार 50,000 का जादुई और ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
डॉलर की मजबूती: जनवरी के बाद यह पहला मौका है जब डॉलर ने साप्ताहिक बढ़त दर्ज की है।
आर्थिक भरोसा: बेसेंट ने इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रति वैश्विक निवेशकों के अटूट भरोसे का प्रतीक बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले यह रिकॉर्ड एक सकारात्मक आर्थिक चक्र की शुरुआत है।
फेडरल रिजर्व और ट्रंप का वो 'मजाक'
केंद्रीय बैंक की नीतियों पर चर्चा करते हुए स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि फेडरल रिजर्व अपनी बैलेंस शीट कम करने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाएगा।
वेट एंड वॉच: ब्याज दरों में कटौती को लेकर बैंक अगले एक साल तक इंतजार की स्थिति में रह सकता है।
ट्रंप का बयान: बेसेंट ने सीनेट की सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान का बचाव किया जिसमें उन्होंने केविन वार्श पर मुकदमा करने की बात 'मजाक' में कही थी। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि फेड के प्रमुख भले ही स्वतंत्र हों, लेकिन उनकी जवाबदेही अमेरिकी जनता के प्रति होनी चाहिए।