Gold Price : सोने में 10 साल की सबसे बड़ी सुनामी, क्या यह खरीदने का सबसे सही मौका है?
News India Live, Digital Desk: सोने की चमक अचानक फीकी पड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले एक दशक की सबसे तेज और सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशक और आम खरीदार दोनों हैरान हैं। सोने के बाजार में यह सुनामी तब आई जब इसके दो सबसे बड़े खरीदारों - चीन और भारत - के सेंट्रल बैंकों ने अपनी लगातार खरीदारी पर ब्रेक लगा दिया।
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने का इस तरह औंधे मुंह गिरना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। क्या सोने का सुनहरा दौर खत्म हो गया है? या यह एक बड़े तूफान से पहले की शांति है? आइए समझते हैं कि इस बड़ी गिरावट के पीछे की असली वजह क्या है और अब आपको क्या करना चाहिए।
क्यों औंधे मुंह गिरा सोना? दो सबसे बड़े कारण
सोने की इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक नहीं, बल्कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारण हैं, लेकिन दो वजहें सबसे प्रमुख हैं:
1. चीन का 'गोल्डन ब्रेक': चीन का सेंट्रल बैंक (People's Bank of China - PBOC) पिछले 18 महीनों से बिना रुके लगातार सोना खरीद रहा था। इस आक्रामक खरीदारी ने ही सोने की कीमतों को आसमान पर पहुंचाया था। लेकिन हाल ही में आए आंकड़ों ने बाजार को चौंका दिया - चीन ने अपनी खरीदारी रोक दी है।
- क्यों रोका? एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई (लगभग $2450 प्रति औंस) पर पहुंच गई थीं, जो चीन को बहुत महंगी लग रही थीं। इसलिए, चीन ने कीमतें कम होने का इंतजार करने का फैसला किया है। जैसे ही बाजार से यह सबसे बड़ा खरीदार हटा, कीमतों में भारी गिरावट आ गई।
2. भारत का धीमा कदम: चीन की तरह ही, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपने सोने के भंडार को लगातार बढ़ा रहा था। लेकिन ताजा आंकड़ों के अनुसार, RBI ने भी अपनी खरीदारी की रफ्तार धीमी कर दी है। इसके अलावा, भारत में सोने के ऊंचे दामों के कारण खुदरा बाजार (यानी आम लोगों द्वारा गहनों और सिक्कों की खरीद) में भी मांग घटी है। जब दुनिया के दो सबसे बड़े खरीदार एक साथ पीछे हट जाएं, तो कीमतों पर असर पड़ना लाजमी था।
अन्य कारण जो डाल रहे हैं दबाव
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर गिरती हैं, क्योंकि अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है।
- ऊंची ब्याज दरें: अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड जैसी चीजों में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जहां उन्हें गारंटीड रिटर्न मिलता है।
- मुनाफावसूली: सोने की कीमतों में आई शानदार तेजी के बाद, बड़े निवेशक अपना मुनाफा वसूलने के लिए बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना है।
अब आगे क्या? क्या यह सोना खरीदने का सुनहरा मौका है?
इस बड़ी गिरावट के बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि अब क्या करें - सोना खरीदें, बेचें या इंतजार करें?
- विशेषज्ञों की राय: ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण सोने की चमक लंबी अवधि में बरकरार रहने की उम्मीद है।
- छोटे निवेशकों के लिए सलाह: अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एक "सुनहरा मौका" हो सकती है। विशेषज्ञ एकमुश्त पैसा लगाने की बजाय, कीमतों में थोड़ी-थोड़ी गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips) करने या एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश करने की सलाह देते हैं।
हालांकि, कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है। लेकिन इतना तो तय है कि सोने के बाजार में आई इस हलचल ने निवेशकों और खरीदारों, दोनों को एक नया मौका जरूर दिया है।