Garuda Purana : घर में दरिद्रता को नहीं मिलेगी जगह, अगर अपना लीं ये 5 नीतियां, तिजोरी हमेशा रहेगी भरी

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग इसे केवल मृत्यु और परलोक से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तव में यह ग्रंथ सफल और समृद्ध जीवन जीने का एक बेहतरीन मार्गदर्शक है।

भगवान विष्णु द्वारा पक्षीराज गरुड़ को दिए गए इन उपदेशों में आर्थिक संपन्नता और सुख-शांति के कई ऐसे गुप्त सूत्र छिपे हैं, जिन्हें अपनाने से जीवन की बड़ी से बड़ी आर्थिक तंगी दूर हो सकती है। यदि आप भी चाहते हैं कि आपके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास हो, तो गरुड़ पुराण की इन 5 नीतियों को जरूर अपनाएं।

1. कमाई का कुछ हिस्सा दान करना है जरूरी

गरुड़ पुराण के अनुसार, धन की शुद्धि तभी होती है जब उसका उपयोग परोपकार में किया जाए।

नीति: अपनी मेहनत की कमाई का एक निश्चित भाग दान-पुण्य और जरूरतमंदों की मदद में लगाएं।

फल: जो व्यक्ति केवल धन का संचय (जमा) करता है और दूसरों की मदद नहीं करता, लक्ष्मी उससे रूठ जाती हैं। दान करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि धन की आवक के नए रास्ते भी खुलते हैं।

2. संचय और खर्च के बीच रखें संतुलन

शास्त्रों में धन की गति के बारे में बताया गया है। गरुड़ पुराण कहता है कि जैसे तालाब का पानी एक जगह रुके रहने से सड़ जाता है, वैसे ही धन का केवल संचय करना उन्नति को बाधित करता है।

नीति: धन का सही निवेश और परिवार की सुख-सुविधाओं पर उचित खर्च जरूरी है।

फल: जिस घर में परिवार के सदस्य खुशहाल रहते हैं, वहां मां लक्ष्मी का वास स्थायी होता है।

3. ईमानदारी से कमाया धन ही देता है बरकत

अधर्म के मार्ग से आया पैसा कभी किसी का भला नहीं करता।

नीति: छल-कपट, चोरी या किसी को धोखा देकर कमाया गया धन विष के समान है। यह शुरुआत में लाभ दे सकता है, लेकिन अंततः विनाश और दरिद्रता का कारण बनता है।

फल: लक्ष्मी जी का आशीर्वाद केवल उन्हें मिलता है जो सत्य और मेहनत की राह पर चलते हैं।

4. अहंकार का त्याग करें

अहंकार को मां लक्ष्मी का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है।

नीति: जैसे-जैसे धन और संपत्ति बढ़े, व्यक्ति को उतना ही अधिक विनम्र होना चाहिए।

फल: जो लोग धन के घमंड में दूसरों को छोटा समझते हैं, उनका पतन निश्चित है। सेवा भाव और विनम्रता रखने वाले के घर में बरकत सदैव बनी रहती है।

5. तुलसी पूजन और सात्विक जीवन

गरुड़ पुराण में तुलसी के पौधे को साक्षात माता लक्ष्मी का स्वरूप बताया गया है।

नीति: जिस घर में प्रतिदिन सुबह-शाम तुलसी का पूजन होता है और शुद्ध घी का दीपक जलाया जाता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा टिक नहीं पाती।

फल: तुलसी की नियमित सेवा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर के धन-धान्य के भंडार कभी खाली नहीं होते।