फेक कॉल्स का गेम ओवरअब 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से नहीं, इस खास सीरीज से कॉल करेंगी कंपनियां
News India Live, Digital Desk : आज के समय में शायद ही कोई ऐसा हो जिसके फ़ोन पर दिन भर में 4-5 अनजान कॉल न आते हों। कभी क्रेडिट कार्ड ले लो, तो कभी "सर, आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू होने वाली है"। सबसे बड़ी मुसीबत तो तब खड़ी हो जाती है जब असली कंपनी और ठगों (Scammers) के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। जालसाज अक्सर किसी भी सामान्य मोबाइल नंबर से कॉल करके खुद को इंश्योरेंस एजेंट बताते हैं और फिर फ्रॉड को अंजाम देते हैं।
लेकिन अब आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने अब इन ठगों पर लगाम कसने की पूरी तैयारी कर ली है।
अब मोबाइल नंबर से नहीं आएगा कॉल
हम और आप जिस 10 अंकों के प्राइवेट मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हैं, अक्सर एजेंट उसी नंबर से कॉल करते थे। लेकिन ट्राई ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी अपने ग्राहकों को कॉल करने के लिए 10 डिजिट वाले आम मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल नहीं कर सकती।
TRAI के नए निर्देश के मुताबिक, अब इंश्योरेंस कंपनियों को '1600' सीरीज (1600 Number Series) का इस्तेमाल करना होगा।
क्या है '1600' का लॉजिक?
इसको आसान भाषा में ऐसे समझिए—
अगर आपके फोन की घंटी बजी और स्क्रीन पर कोई ऐसा नंबर आ रहा है जो '1600' से शुरू होता है, तो इसका मतलब है कि यह कॉल किसी रजिस्टर और असली कंपनी (Genuine Entity) से आई है। यह कोई सर्विस कॉल हो सकती है या पॉलिसी की जानकारी देने के लिए किया गया फोन।
लेकिन, अगर कोई व्यक्ति दावा करे कि वो 'XYZ इंश्योरेंस कंपनी' से बोल रहा है और कॉल किसी आम मोबाइल नंबर (जैसे 98xxxx, 99xxxx) से आ रही हो, तो तुरंत सावधान हो जाएं। हो सकता है वो कोई फ्रॉड हो जो आपको फंसाने की कोशिश कर रहा हो।
सिर्फ इंश्योरेंस नहीं, बैंकों पर भी लागू होगा नियम
ट्राई यह नियम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI) और इंश्योरेंस रेगुलेटर (IRDAI) के साथ मिलकर ला रहा है। इसका मकसद साफ़ है—फाइनेंशियल फ्रॉड को रोकना। अब चाहे बैंक हो या बीमा कंपनी, सबको अपने 'ट्रांजैक्शनल' और 'सर्विस' कॉल्स के लिए इसी निर्धारित सीरीज का इस्तेमाल करना होगा।
कब से होगा बदलाव?
ख़बरों की मानें तो रेगुलेटर्स ने इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी है। सभी इंश्योरेंस कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं को अपनी कॉल व्यवस्था को इस नए सिस्टम पर शिफ्ट करना होगा। इसका सीधा फायदा हम जैसे आम ग्राहकों को होगा। अब आपको कॉल आते ही पता चल जाएगा कि फ़ोन उठाना है या काटना है।