शादी से लेकर नए घर तक साल 2026 के वो खास दिन, जब पंडित जी से मुहूर्त पूछने की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी

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News India Live, Digital Desk : आज 1 जनवरी 2026 है। आज की सुबह अपने साथ नए सपने लेकर आई है। हम अक्सर देखते हैं कि लोग अच्छे दिनों का इंतज़ार करते हैं चाहे वह सगाई (Engagement) करनी हो, नया मकान (Griha Pravesh) लेना हो या फिर किसी नई दुकान का उद्घाटन करना हो। लेकिन कई बार पंडित जी के पास समय नहीं होता या फिर कोई लंबी तारीख मिल जाती है।

क्या आप जानते हैं कि हमारे पंचांग में कुछ ऐसे दिन होते हैं जिन्हें 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है? इसका मतलब है कि ये दिन अपने आप में इतने पावन हैं कि इनमें किसी भी वक्त कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। चलिए, मिलकर देखते हैं कि साल 2026 में आपकी खुशियों की ये तारीखें कौन सी हैं।

बसंत पंचमी (फरवरी 2026)
विद्या की देवी सरस्वती का दिन! अगर आप बच्चों की पढ़ाई शुरू करवाना चाहते हैं या कोई क्रिएटिव काम (जैसे म्यूजिक या राइटिंग) शुरू करना चाहते हैं, तो बसंत पंचमी से बेहतर कुछ नहीं। शादी-ब्याह के लिए भी इस दिन की बहुत बड़ी मान्यता है।

अक्षय तृतीया (अप्रैल/मई 2026)
साल का सबसे बड़ा 'अबूझ मुहूर्त'। अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय (विनाश) न हो। सोना खरीदने से लेकर, शादी करने और गृह प्रवेश तक के लिए लोग इस दिन का साल भर इंतज़ार करते हैं। 2026 में अक्षय तृतीया की धूम देखने लायक होगी, क्योंकि यह निवेश के लिए सबसे बढ़िया दिन माना जाता है।

भड़ली नवमी (जून/जुलाई 2026)
जब देव सो जाते हैं (देवशयनी एकादशी से पहले), उससे ठीक पहले भड़ली नवमी आती है। जो लोग मानसून से पहले शादी निपटाना चाहते हैं या अपनी नई गाड़ी लेना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन बहुत लकी रहता है।

दशहरा और देव उठनी एकादशी (अक्टूबर/नवंबर 2026)
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक तो है ही, साथ ही यह नए बिज़नेस (New Business start) और हथियारों या गाड़ियों की पूजा के लिए मशहूर है। वहीं नवंबर में आने वाली देव उठनी ग्यारस से तो शादियों का सीजन ही खुल जाता है। इसे भी अबूझ मुहूर्त में गिना जाता है।

क्यों अहम हैं ये दिन?
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब समय और मुहूर्त का तालमेल नहीं बैठता, तब ये 'अबूझ मुहूर्त' एक वरदान की तरह काम करते हैं। साल 2026 में अगर आप कोई बड़ी प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन तारीखों का फायदा ज़रूर उठाएं। बस एक बात का ध्यान रखें, मन में विश्वास और दूसरों के प्रति अच्छी भावना रखकर शुरू किया गया हर काम शुभ ही होता है।