वैज्ञानिकों के लिए मंगल ग्रह है चिली की यह जगह, 4 सदियों से प्यासी ज़मीन को देखकर आप भी रह जाएंगे दंग

Post

News India Live, Digital Desk : जब भी हम 'रेगिस्तान' की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में तपती रेत और थोड़ी बहुत बारिश की कमी का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहाँ पिछली 4 सदियों (400 साल) से बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी है? सुनने में यह किसी काल्पनिक फिल्म की कहानी लग सकता है, लेकिन दक्षिण अमेरिका के चिली (Chile) में स्थित अटाकामा रेगिस्तान (Atacama Desert) एक ऐसी ही जगह है।

वैज्ञानिकों के लिए अटाकामा एक रहस्यमयी प्रयोगशाला जैसा है। इसे धरती की सबसे सूखी जगह (Driest Place on Earth) माना जाता है। यहाँ के कुछ हिस्से तो इतने सूखे हैं कि वहां की मिट्टी और वातावरण काफी हद तक 'मंगल ग्रह' (Mars) से मेल खाते हैं। यही वजह है कि नासा (NASA) भी अपने मार्स रोवर्स और यंत्रों की टेस्टिंग अक्सर इसी रेगिस्तान में करता है।

बिन बारिश के कैसे कटता है वक्त?
अब मन में सवाल आता है कि जहाँ 400 साल से बादल न बरसे हों, वहां लोग कैसे रहते होंगे या वहां का नजारा कैसा होगा? हैरानी की बात यह है कि बिना बारिश के भी यह जगह दुनिया भर के सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। यहाँ की बंजर पहाड़ियां, जमी हुई नमक की परतें और दूर तक फैला सन्नाटा एक अलग ही दुनिया का एहसास कराते हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि बारिश न होने के बावजूद यहाँ जीवन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यहाँ की हवाओं में एक खास तरह की नमी यानी कोहरा आता है जिसे स्थानीय लोग 'कैमनचाका' (Camanchaca) कहते हैं। यहाँ के कुछ ख़ास जीव और पौधे इसी नमी के सहारे खुद को ज़िंदा रखे हुए हैं।

पर्यटन के लिहाज़ से भी यह जगह बहुत खास है। रात के समय यहाँ का आसमान इतना साफ़ होता है कि आप सितारों की पूरी गैलेक्सी को बिना किसी टेलीस्कोप के महसूस कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस रेगिस्तान के इतने सूखे होने के पीछे वहां के पहाड़ों की बनावट है, जो बादलों को इस क्षेत्र में प्रवेश ही नहीं करने देते।

प्रकृति के इस रूप को देखकर बस यही मन में आता है कि जहाँ इंसान को कुछ बूंदों की कमी से आफत आ जाती है, वहां ये बंजर ज़मीन सदियों से बिना पानी के अपनी अलग पहचान बनाए खड़ी है।