लड्डू गोपाल की सेवा स्नान से लेकर श्रृंगार तक, जानें कैसे रखें अपने लाडले का ख्याल
News India Live, Digital Desk: जिन घरों में लड्डू गोपाल यानी बाल-कृष्ण का वास होता है, वहां का माहौल ही कुछ अलग होता है। भक्त उन्हें सिर्फ एक मूर्ति नहीं मानते, बल्कि परिवार का सबसे छोटा और प्यारा सदस्य मानते हैं। यही वजह है कि उनकी सेवा भी बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह ही की जाती है। लेकिन अक्सर हमारे मन में सवाल आता है कि लड्डू गोपाल को नहलाने का सही समय क्या है? क्या उन्हें कभी भी स्नान कराया जा सकता है?
नियम नहीं, प्रेम की भाषा है सेवा
सच कहें तो, भगवान भाव के भूखे होते हैं। लेकिन जिस तरह हम अपने दैनिक जीवन में अनुशासन रखते हैं, उसी तरह कान्हा की सेवा में भी कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। शास्त्रों और बड़े-बुजुर्गों की मानें तो लड्डू गोपाल को स्नान कराने का सबसे उत्तम समय 'ब्रह्म मुहूर्त' या सूर्योदय के ठीक बाद का होता है। सुबह 6:00 से 9:00 बजे के बीच का समय सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि यही वह वक्त होता है जब प्रकृति और हमारा मन दोनों शांत और शुद्ध होते हैं।
कैसे कराएं कान्हा को स्नान?
लड्डू गोपाल को स्नान कराना सिर्फ पानी छिड़कना नहीं है, यह एक भावनात्मक अनुभव है:
- हल्का गुनगुना पानी: मौसम का ध्यान ज़रूर रखें। जैसे आप अपने बच्चे के लिए पानी चेक करते हैं, वैसे ही सर्दियों में उनके लिए गुनगुने पानी का ही उपयोग करें।
- पंचामृत का सुख: रोज़ संभव न हो, तो हफ्ते में एक बार या एकादशी/जन्माष्टमी पर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से बने पंचामृत से स्नान कराएं।
- इत्र और चंदन: स्नान के बाद उनके शरीर पर हल्का सा इत्र या चंदन लगाएं। इससे पूरे घर में एक सोंधी सी महक फैल जाती है जो मन को सुकून देती है।
अशुद्ध अवस्था में छूने से बचें
लड्डू गोपाल की सेवा में 'शुचिता' का बड़ा महत्व है। हमेशा खुद स्नान करने और साफ़ कपड़े पहनने के बाद ही उन्हें स्पर्श करें। यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि उन्हें स्नान कराते समय हमारा मन शांत हो और जुबान पर भगवान का कोई प्यारा सा नाम या मंत्र हो।
अगर आप व्यस्त हैं तो क्या करें?
कई बार भागदौड़ भरी जिंदगी में हम समय पर पूजा नहीं कर पाते। ऐसे में घबराएं नहीं। कान्हा आपसे नाराज़ नहीं होते। बस इतना ध्यान रखें कि जैसे ही आप सोकर उठें, सबसे पहले मन ही मन उन्हें जगाएं और अपनी मजबूरी साझा करें। भक्ति में 'मजबूरी' से बड़ा 'भाव' होता है।