षट्तिला एकादशी पर आपकी राशि और दान का ये छोटा सा कनेक्शन बदल सकता है आपकी दुनिया
News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में वैसे तो साल भर की हर एकादशी का अपना अलग ही महत्व है, लेकिन 'षट्तिला एकादशी' (Shattila Ekadashi) की बात कुछ और ही है। इसके नाम में ही इसका अर्थ छिपा है— 'षट्' यानी छह और 'तिल'। इस दिन तिल का इस्तेमाल छह अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन किया गया तिल का दान सोने के दान के बराबर फल देता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप अपनी राशि (Zodiac Sign) के अनुसार दान करते हैं, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है? चलिए जानते हैं कि साल 2026 की इस खास एकादशी पर आपकी राशि आपके बारे में क्या कहती है।
आखिर क्या है षट्तिला एकादशी की खासियत?
मान्यता है कि अगर हमारे काम बार-बार अटक रहे हों या घर में बीमारियां पीछा नहीं छोड़ रही हों, तो भगवान विष्णु को तिल अर्पित करना बहुत शुभ होता है। 2026 की षट्तिला एकादशी हमें अपनी परेशानियों को दूर करने का एक सुनहरा मौका दे रही है।
राशि के अनुसार करें ये आसान दान:
- मेष और वृश्चिक (Aries & Scorpio): अगर आपकी राशि इन दोनों में से एक है, तो मंगल के प्रभाव को संतुलित करने के लिए आपको गुड़ और तिल का दान करना चाहिए। इससे आपके साहस में बढ़ोत्तरी होगी और डर दूर होगा।
- वृषभ और तुला (Taurus & Libra): शुक्र की कृपा पाने के लिए आपको सफेद तिल और चीनी का दान करना चाहिए। इससे आपके घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
- मिथुन और कन्या (Gemini & Virgo): आपको मूंग की दाल और तिल का दान करना चाहिए। ये आपकी बुद्धि और काम में आ रही रुकावटों को खत्म करने में मदद करेगा।
- कर्क (Cancer): चंद्र की शीतलता के लिए सफेद तिल और दूध का दान करें। ये आपके मानसिक तनाव को कम करने में काफी कारगर हो सकता है।
- सिंह (Leo): सूर्य के जैसी चमक के लिए तिल के साथ थोड़ा सा तांबा या गेहूं दान करें। मान-सम्मान बढ़ेगा।
- धनु और मीन (Sagittarius & Pisces): आपके लिए पीली वस्तुओं और तिल का दान करना सबसे बेहतर है। आप चने की दाल या हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- मकर और कुंभ (Capricorn & Aquarius): चूंकि शनि आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपको काले कंबल या गरम कपड़ों के साथ तिल का दान करना चाहिए। यह पुराने कष्टों को कम करने का बेहतरीन जरिया है।
पूजा के समय ये बात न भूलें!
देखिए, भगवान विष्णु को किसी कीमती चीज़ की जरूरत नहीं होती, वे सिर्फ 'भाव' देखते हैं। जब भी आप दान करें, तो मन में यह श्रद्धा रखें कि आप अपनी बाधाएं प्रभु के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। इस दिन स्नान और पूजा के पानी में थोड़ा सा तिल ज़रूर मिलाएं।