दिल्ली-मुंबई को भूल जाइए! भारत का यह एक शहर बना काम करने के लिए नंबर वन, दुनिया की हर बड़ी कंपनी है यहां

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जब भी देश में काम करने के लिए सबसे अच्छी जगह या सबसे शानदार ऑफिस की बात होती है, तो हमारे दिमाग में अक्सर मुंबई का फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट, बेंगलुरु का ‘सिलिकॉन वैली’ या फिर पुणे के आईटी पार्क का नाम आता है।

लेकिन इस बार, इन सभी बड़े और स्थापित शहरों को पीछे छोड़कर एक ऐसे शहर ने बाजी मारी है, जिसे कुछ दशक पहले तक लोग दिल्ली का एक छोटा सा पड़ोसी ही समझते थे। जी हां, हम बात कर रहे हैं गुरुग्राम (गुड़गांव) की!

गुरुग्राम ने इतिहास रचते हुए ‘साइबर सिटी’ के रूप में काम करने के लिए देश के नंबर वन कमर्शियल हब का खिताब अपने नाम कर लिया है।

आखिर गुरुग्राम ने यह ‘चमत्कार’ कैसे किया?

यह कोई एक दिन की कहानी नहीं है। यह उस शहर की कहानी है जिसने खुद को धूल-मिट्टी से उठाकर कांच की चमचमाती इमारतों के शहर में बदल दिया।

  1. दुनिया भर की कंपनियों का ‘घर’:
    गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेरिकन एक्सप्रेस... दुनिया की शायद ही कोई ऐसी बड़ी कंपनी होगी जिसका आलीशान ऑफिस गुरुग्राम में न हो। यहां का ‘साइबर हब’ और गोल्फ कोर्स रोड तो मानो भारत का छोटा ‘मैनहट्टन’ लगता है।
  2. वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर:
    चौड़ी सड़कें, दिल्ली तक बेहतरीन मेट्रो कनेक्टिविटी और एक से बढ़कर एक शानदार ऑफिस बिल्डिंग्स ने इसे काम करने के लिए एक आदर्श जगह बना दिया है।
  3. ‘वर्क हार्ड, पार्टी हार्डर’ का कल्चर:
    गुरुग्राम सिर्फ काम का ही नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का भी एक हब है। यहां दिन भर ऑफिस में मेहनत करने के बाद शाम को चिल करने के लिए शानदार पब, रेस्टोरेंट और कैफे की कोई कमी नहीं है। यह शहर उस युवा पीढ़ी की पहली पसंद है जो काम के साथ-साथ एक अच्छी सोशल लाइफ भी चाहती है।

यह सिर्फ एक रैंकिंग नहीं, एक एहसास है
यह खिताब सिर्फ इमारतों या सड़कों का नहीं है, यह उन लाखों लोगों की मेहनत, उनके सपनों और इस शहर के कभी न रुकने वाले जज्बे की जीत है। इसने साबित कर दिया है कि अगर सही विजन हो, तो एक छोटा सा शहर भी देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बन सकता है।

आज गुरुग्राम सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक ‘ब्रांड’ बन चुका है, जो पूरे देश को यह दिखा रहा है कि भविष्य के शहर कैसे होते हैं।