बिहार की बेटियों पर विदेशी टिप्पणी ने सुलग़ा दिया राज्य का मान ,BJP से लेकर RJD तक सब एक साथ

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News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि सम्मान कमाने में पीढ़ियाँ लग जाती हैं, लेकिन किसी की हल्की ज़ुबान उसे ठेस पहुँचाने में देर नहीं करती। यही हुआ जब यूके (UK) की एक बड़ी हस्ती के पति ने बिहार की महिलाओं की छवि को लेकर कुछ ऐसी बातें कह दीं, जिन्हें सुनना भी नागवार है। बात सिर्फ़ एक टिप्पणी की नहीं थी, बात थी उस मानसिकता की जो आज भी बिहार को पुराने और गलत नज़रिए से देखती है।

जब आपस में लड़ने वाले दल भी हुए एक
बिहार की राजनीति के बारे में कहा जाता है कि यहाँ सवेरे की शुरुआत ही एक-दूसरे पर आरोपों के साथ होती है। लेकिन इस मुद्दे पर तस्वीर बिलकुल बदली हुई नज़र आ रही है। सत्ता पक्ष (BJP-JDU) और विपक्ष (RJD-Congress) की तलवारें म्यान में लौट गई हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री से लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तक, सबका एक ही स्टैंड है— बिहार की अस्मिता के साथ कोई समझौता नहीं। जहाँ भाजपा नेताओं ने इसे भारत की बढ़ती साख पर जलन का नतीजा बताया, वहीं राजद (RJD) ने इसे घोर अपमानजनक और माफी योग्य न होने वाला बयान करार दिया है।

सिर्फ़ बयान नहीं, यह स्वाभिमान की लड़ाई है
आज की बिहारी महिलाएं न सिर्फ़ देश में, बल्कि दुनिया के हर कोने में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं। चाहे वो प्रशासन (IAS/IPS) हो, शिक्षा हो या स्वरोज़गार, बिहार की बेटियों ने अपनी मेहनत से इतिहास रचा है। ऐसे में विदेशी ज़मीन से उठने वाली इस तरह की आवाज़ें उनके उसी संघर्ष और गौरव को अपमानित करती हैं। बिहार की जनता सोशल मीडिया पर एक सुर में सवाल कर रही है "क्या उन्हें अंदाज़ा भी है कि बिहार की महिलाएँ आज समाज को बदलने का कितना बड़ा काम कर रही हैं?"

विदेशी रिश्तों पर पड़ेगा असर?
जानकार मान रहे हैं कि जब किसी देश की सरकार के करीब रहने वाला व्यक्ति इस तरह की बेहुदी टिप्पणी करता है, तो उसका असर केवल निजी नहीं रह जाता। यह सीधे तौर पर कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को प्रभावित करता है। भारत सरकार और बिहार सरकार ने भी इस मामले में अपनी चिंता जताई है, जिससे यह साफ है कि बिहार अब अपने अपमान पर चुप रहने वालों में से नहीं है।