FM निर्मला सीतारमण का GoM को संबोधन: GST में सरल 2-स्लैब संरचना की तैयारी

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20 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार ने GST (माल और सेवा कर) सुधारों के लिए Group of Ministers (GoM) की दो दिवसीय बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संबोधन के जरिए एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव का मकसद GST को आसान बनाना और कर की दरों को सिर्फ दो स्लैब में सीमित करना है: 5% और 18%, साथ ही कुछ "डेमेरिट" (अपराध) वस्तुओं जैसे तंबाकू, पान मसाला, और ऑनलाइन गेमिंग के लिए एक विशेष 40% स्लैब।

GST 2.0 का क्या है प्रस्ताव?

मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) खत्म कर केवल दो मुख्य स्लैब (5% और 18%) लागू होंगे।

99% वस्तुएं जो 12% स्लैब में थीं, वे 5% स्लैब में आएंगी।

जिन वस्तुओं पर 28% स्लैब था, उनमें से लगभग 90% वस्तुएं अब 18% स्लैब में शामिल होंगी।

5-7 "डेमेरिट" वस्तुओं के लिए 40% स्लैब होगा।

स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर GST कम करने पर भी विचार किया जाएगा, जिससे इसे 18% से घटाकर 5% या शून्य किया जा सकता है।

डीमंडेशन सिस की अवधि खत्म हो रही है, इसलिए उसका भविष्य भी चर्चा का विषय होगा।

GoM की भूमिका और आगे का रास्ता

GoM के सदस्य बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य मंत्री शामिल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिए गए सुझाव GoM के फैसलों को दिशा देंगे।

GoM की सिफारिशें GST काउंसिल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी, जिसका नेतृत्व भी वित्त मंत्री करती हैं।

अंतिम निर्णय संभवत: सितंबर 2025 की GST काउंसिल की बैठक में होगा।

क्यों है ये बड़ा बदलाव?

यह सुधार कर प्रणाली को सरल करेगा और compliance में आसान बनाएगा।

छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs), किसानों, और आम नागरिकों के लिए कर बोझ कम होगा।

कर वर्गीकरण में विवाद, विलंब और कर चोरी कम होगी।

उपभोक्ताओं के लिए चीजें सस्ती होंगी जिससे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकारों की राजस्व प्राप्तियों पर प्रभाव होगा, इसलिए सभी राज्यों का समर्थन जरूरी है।