BREAKING:
March 22 2026 10:40 am

Floods in UP : नाव आती रही, पर सांसें चली गईं ,बाढ़ में डूबी एक मासूम की दर्दनाक कहानी जो रुला देगी

Post

News India Live, Digital Desk: बाढ़ सिर्फ घर, खेत और सड़कें ही नहीं डुबोती, यह उम्मीदें और जिंदगियां भी छीन लेती है. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से आई एक दर्दनाक खबर इस बात की जीती-जागती मिसाल है. यहां बाढ़ के पानी में फंसे एक बेबस पिता की गोद में उसकी एक साल की मासूम बच्ची ने सिर्फ इसलिए दम तोड़ दिया, क्योंकि बाढ़ में डूबे रास्तों की वजह से वह उसे 12 किलोमीटर दूर अस्पताल तक नहीं पहुंचा सका.

क्या है यह दिल दहला देने वाली घटना?

मामला महाराजगंज के नौतनवा तहसील के इटहिया गांव का है. यहां रहने वाले राम मिलन की एक साल की बेटी काजल की सोमवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई. उसे तेज बुखार चढ़ा और उसकी सांसें उखड़ने लगीं. घर के लोग घबरा गए और उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की तैयारी करने लगे, जो वहां से करीब 12 किलोमीटर दूर था.

जब 12 किलोमीटर का सफर बन गया नामुमकिन

लेकिन परिवार की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. रोहिन नदी और अन्य बरसाती नालों के उफान के कारण पूरा इटहिया गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था. गांव पूरी तरह से एक टापू बन चुका था और बाहर निकलने के सारे रास्ते पानी में डूब चुके थे. 12 किलोमीटर की वह दूरी मानो 1200 किलोमीटर में बदल गई थी, जिसे पार करना नामुमकिन लग रहा था.

घबराए राम मिलन और परिवार वालों ने नाव का इंतजाम करने के लिए हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए. मदद के लिए गुहार लगाई गई. हर बीतता पल मासूम काजल की हालत को और नाजुक बना रहा था और परिवार की उम्मीदें टूट रही थीं.

और फिर ,जो नहीं होना था, वो हो गया

लेकिन समय और बाढ़ का पानी किसी का इंतजार नहीं करता. इससे पहले कि कोई मदद पहुंच पाती या नाव का इंतजाम हो पाता, मासूम काजल ने अपने बेबस पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया. एक हंसता-खेलता परिवार बाढ़ की इस त्रासदी में हमेशा के लिए उजड़ गया.

यह दर्दनाक कहानी सिर्फ इटहिया गांव की नहीं है. रोहिन नदी के रौद्र रूप के कारण इस इलाके के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं. हजारों लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. काजल की मौत ने इस बाढ़ की विभीषिका और समय पर मदद न पहुंच पाने की बेबसी को एक बार फिर उजागर कर दिया है.