Fitness Mantra : पेट की चर्बी घटाने और शरीर को लचीला बनाने के लिए करें उष्ट्रासन
- by Archana
- 2025-08-22 12:38:00
News India Live, Digital Desk: Fitness Mantra : योग हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने का एक प्राचीन और प्रभावशाली तरीका है. उत्तरोत्तर योग मुद्राओं में 'उष्ट्रासन' या ऊंट मुद्रा एक ऐसी योग मुद्रा है, जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं. इसे मध्यवर्ती स्तर का आसन माना जाता है और इसे करने के लिए थोड़ा लचीलापन और अभ्यास की आवश्यकता होती है. 'उष्ट्रासन' न केवल रीढ़ को मजबूत करता है, बल्कि पाचन में सुधार और आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने जैसे अद्भुत फायदे भी प्रदान करता है.
उष्ट्रासन करने का तरीका:
उष्ट्रासन करने के लिए, सबसे पहले घुटनों के बल मैट पर बैठ जाएं और अपनी रीढ़ सीधी रखें. घुटनों के बीच कूल्हे जितनी दूरी रखें. अब अपने शरीर का भार घुटनों और टांगों पर लेते हुए सीधे खड़े हो जाएं. गहरी सांस लेते हुए अपनी पीठ को धीरे-धीरे पीछे की ओर मोड़ें. अपने हाथों को पीछे ले जाकर एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें, यदि संभव न हो तो हथेलियों को अपने कूल्हों पर टिका सकते हैं. इस स्थिति में गर्दन को आराम से पीछे झुकाएं, बिना उस पर दबाव डाले. धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में आएं. इसे 20-30 सेकंड तक दोहराएं और 2-3 बार अभ्यास करें.
उष्ट्रासन के स्वास्थ्य लाभ:
- पाचन में सुधार: उष्ट्रासन पेट के अंगों को सक्रिय करता है, जिससे पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है. यह पेट के अंगों को स्ट्रेच करता है, जिससे भोजन का पाचन सुगम होता है और कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.
- आंखों की रोशनी बढ़ाए: यह आसन आंखों की मांसपेशियों पर रक्त संचार बढ़ाता है. नियमित अभ्यास से आंखों को पोषण मिलता है, जिससे आंखों की रोशनी तेज हो सकती है और थकान कम होती है.
- शरीर को लचीलापन दे: उष्ट्रासन रीढ़, कंधे और कूल्हों को स्ट्रेच करता है, जिससे शरीर का लचीलापन बढ़ता है. यह पीठ के ऊपरी और निचले हिस्से के दर्द को कम करने में भी मदद करता है.
- शरीर को टोन और मुद्रा सुधारे: इस आसन से पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे शरीर को एक बेहतर मुद्रा मिलती है. यह पेट, जांघों और बाहों को टोन करने में भी सहायक है.
- पेट की चर्बी घटाए: उष्ट्रासन पेट और जांघों पर दबाव डालता है, जिससे इन क्षेत्रों की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है. यह रक्त संचार में भी सुधार करता है, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.
हालांकि, ध्यान रहे कि गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी या गंभीर रीढ़ की हड्डी की समस्याओं वाले व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए. किसी भी नए योग आसन का अभ्यास शुरू करने से पहले योग्य योग प्रशिक्षक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए.
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