Financial Planning : पर्सनल लोन लेने से पहले सो बार सोचो ,ये 7 बातें आपको बना सकती हैं कंगाल से करोड़पति

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News India Live, Digital Desk:  Financial Planning : आजकल अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए या अचानक आए किसी खर्च को मैनेज करने के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना एक आम बात हो गई है. घर में शादी हो, बच्चे की पढ़ाई हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, या कोई सपना पूरा करना हो, पर्सनल लोन एक बेहतरीन विकल्प लगता है. लेकिन पर्सनल लोन लेने से पहले कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है, ताकि आप बाद में किसी वित्तीय परेशानी में न फंसें. यह सिर्फ आपकी वित्तीय सेहत को दुरुस्त नहीं रखता, बल्कि आपको सही निर्णय लेने में भी मदद करता है. तो 2025 में, अगर आप पर्सनल लोन लेने का विचार कर रहे हैं, तो इन बातों को गांठ बांध लें.

पर्सनल लोन लेने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें:

  1. अपनी वास्तविक ज़रूरत समझें:
    • सबसे पहले यह तय करें कि आपको लोन की वास्तव में कितनी ज़रूरत है. जितना हो सके, कम लोन लें ताकि ब्याज का बोझ कम हो.
    • क्या यह ज़रूरत बहुत ज़रूरी है या इसे टाला जा सकता है? लोन तभी लें जब कोई अन्य विकल्प न हो.
  2. ब्याज दरों की तुलना करें:
    • अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरों की तुलना ज़रूर करें. यह पर्सनल लोन की सबसे महत्वपूर्ण बात है.
    • छोटी सी ब्याज दर का अंतर भी लंबे समय में आपके कुल भुगतान पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है.
  3. अपनी EMI चुकाने की क्षमता जांचें:
    • कोई भी लोन लेने से पहले अपनी मासिक आय और खर्चों का हिसाब लगाएं. देखें कि आप आसानी से कितनी EMI (Easy Monthly Installment) चुका सकते हैं.
    • अगर EMI आपकी मासिक आय का एक बड़ा हिस्सा बन जाती है, तो आप वित्तीय तनाव में आ सकते हैं.
    • EMI केलकुलेटर का उपयोग करके विभिन्न राशियों और अवधियों पर EMI का अनुमान लगाएं.
  4. छिपे हुए चार्जेस पर ध्यान दें:
    • ब्याज दर के अलावा, पर्सनल लोन में कई छिपे हुए चार्जेस भी होते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फीस, लेट पेमेंट चार्जेस, प्री-क्लोजर चार्जेस, आदि.
    • लोन लेते समय इन सभी चार्जेस के बारे में बैंक से स्पष्ट रूप से पूछें और उन्हें दस्तावेज़ों में ज़रूर जांचें.
  5. क्रेडिट स्कोर का महत्व:
    • आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) जितना बेहतर होगा, आपको उतनी ही अच्छी ब्याज दरें मिलने की संभावना होगी.
    • लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जांच लें. अगर यह कम है, तो इसे सुधारने का प्रयास करें.
    • बार-बार कई जगह लोन के लिए अप्लाई करने से क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है.
  6. लोन की अवधि (Tenure):
    • लंबी अवधि का मतलब कम EMI, लेकिन कुल ब्याज ज़्यादा.
    • छोटी अवधि का मतलब ज़्यादा EMI, लेकिन कुल ब्याज कम.
    • अपनी क्षमता और ब्याज लागत के बीच संतुलन बिठाकर सही अवधि चुनें.
  7. दस्तावेज़ीकरण और शर्तें:
    • लोन एग्रीमेंट के सभी नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें. बिना समझे किसी भी कागजात पर हस्ताक्षर न करें.
    • बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज़ सही और पूरे हों, ताकि आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो.

पर्सनल लोन एक उपयोगी वित्तीय साधन हो सकता है, लेकिन इसका समझदारी से इस्तेमाल करना ही आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा.