टोल नहीं भरा तो भूल जाइए गाड़ी का फिटनेस और NOC, सरकार का नया नियम लागू, तुरंत चेक करें बकाया!

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FASTag new rule 2026:  अगर आपकी गाड़ी पर टोल का एक भी रुपया बकाया है, तो अब आपकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। केंद्र सरकार ने बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम को सफल बनाने के लिए एक ऐसा नियम लागू कर दिया है, जो देश के करोड़ों वाहन मालिकों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। इस नए नियम के तहत, अगर आपका टोल बकाया है, तो आप अपनी गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं करा पाएंगे, न ही उसे बेचने के लिए NOC ले सकेंगे। यह नियम 2026 से पूरे देश में सख्ती से लागू हो चुका है, इसलिए फौरन अपना बकाया चेक कर लें, वरना आपकी गाड़ी के सारे काम अटक सकते हैं।

क्या है सरकार का यह नया फरमान?

केंद्र सरकार ने सड़क परिवहन नियमों में एक बड़ा संशोधन करते हुए टोल भुगतान को पहले से कहीं ज्यादा सख्त बना दिया है। नए नियम के अनुसार, यदि आप किसी नेशनल हाईवे से गुजरते हैं और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम आपकी गाड़ी को स्कैन कर लेता है, लेकिन किसी वजह से आपके फास्टैग अकाउंट से पैसे नहीं कटते, तो वह रकम 'बकाया टोल' मानी जाएगी। यह बकाया राशि सीधे आपके वाहन के रिकॉर्ड के साथ लिंक हो जाएगी। इसका नतीजा यह होगा कि जब तक आप यह बकाया नहीं चुकाएंगे, तब तक आपको फिटनेस सर्टिफिकेट, नेशनल परमिट और वाहन ट्रांसफर के लिए जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी नहीं की जाएगी। सरकार का मकसद साफ है - टोल चोरी को पूरी तरह से खत्म करना।

कैसे और कब माना जाएगा आपका टोल 'बकाया'?

सरकार ने 'बकाया टोल' की परिभाषा भी स्पष्ट कर दी है। जब कोई वाहन इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा से गुजरता है और फास्टैग या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उसकी पहचान हो जाती है, लेकिन खाते में अपर्याप्त बैलेंस या किसी तकनीकी खराबी के कारण भुगतान विफल हो जाता है, तो उसे बकाया टोल माना जाएगा। यह नियम सिर्फ नए मामलों पर ही नहीं, बल्कि पुराने बकाये पर भी लागू होगा। कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए यह और भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें कोई भी नया परमिट लेने से पहले टोल क्लीयरेंस सर्टिफिकेट दिखाना होगा। यहां तक कि वाहन ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-28 में भी अब टोल बकाये का एक नया कॉलम जोड़ा गया है।

आम आदमी से लेकर ट्रक ऑपरेटरों तक, जानें किस पर होगा असर?

इस नियम का असर लगभग हर तरह के वाहन मालिक पर पड़ेगा। निजी कार मालिकों को अपनी गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराते समय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, ट्रक, बस और टैक्सी जैसे कमर्शियल वाहन चलाने वाले ऑपरेटरों का कारोबार ठप हो सकता है, क्योंकि बिना परमिट और फिटनेस के वे अपनी गाड़ी सड़क पर नहीं उतार पाएंगे। खासकर उन छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए यह नियम मुश्किल खड़ी कर सकता है जो नियमित रूप से हाईवे का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, पुरानी गाड़ियां बेचने वालों को भी तब तक ग्राहक नहीं मिलेंगे, जब तक वे टोल चुकाकर NOC हासिल नहीं कर लेते।

गाड़ी के कागज न अटकें, इसके लिए तुरंत करें ये काम

अगर आप इस बड़ी मुसीबत से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है।

  1. बकाया चेक करें: सबसे पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की आधिकारिक वेबसाइट या अपने फास्टैग ऐप पर जाकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपना टोल बकाया चेक करें।
  2. तुरंत भुगतान करें: अगर कोई राशि बकाया दिखती है, तो उसे ऑनलाइन माध्यम से या नजदीकी टोल प्लाजा पर जाकर तुरंत जमा कर दें।
  3. बैलेंस मेंटेन करें: हमेशा अपने फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस रखें और लो-बैलेंस अलर्ट को ऑन रखें ताकि भुगतान विफल न हो।

सरकार का यह कदम देश में एक सुगम और बिना रुकावट वाली टोल व्यवस्था बनाने की दिशा में उठाया गया है। लेकिन वाहन मालिकों को अब पहले से कहीं ज्यादा जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा, वरना एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।