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March 21 2026 12:47 pm

Fact Check : क्या रात में फल और सलाद खाने से आता है हार्ट अटैक? न्यूट्रिशनिस्ट का बड़ा खुलासा

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News India Live, Digital Desk: "रात में फल खाना जहर के समान है" या “सलाद रात को खाया तो दिल का दौरा पड़ सकता है” अगर आपने भी व्हाट्सएप या फेसबुक पर ऐसे मैसेज पढ़े हैं, तो ठहर जाइए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स ने इस दावे को पूरी तरह से 'भ्रामक' और 'आधारहीन' करार दिया है। आइए समझते हैं कि विज्ञान इस बारे में क्या कहता है और रात में फल-सलाद खाने का आपकी सेहत पर क्या असर पड़ता है।

क्या फल और हार्ट अटैक का कोई संबंध है?

न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, दुनिया में ऐसी कोई भी मेडिकल स्टडी नहीं है जो यह साबित करे कि रात में फल या कच्ची सब्जियां खाने से सीधे तौर पर हार्ट अटैक आता है।

दिल के दौरे के असली कारण: हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग, मोटापा और खराब जीवनशैली हार्ट अटैक के मुख्य कारण हैं, न कि रात में खाया गया सेब या खीरा।

फलों के फायदे: फल और सलाद फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो वास्तव में हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

रात में फल और सलाद खाने से जुड़ी असली समस्याएं (Slight Risks)

हालांकि इससे हार्ट अटैक नहीं आता, लेकिन कुछ लोगों को रात में फल या सलाद खाने से कुछ अन्य परेशानियां हो सकती हैं:

पाचन की समस्या (Digestion Issues): रात में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। कच्ची सब्जियों और फलों में फाइबर अधिक होता है, जिसे पचाने में शरीर को समय लगता है। इससे कुछ लोगों को गैस, ब्लोटिंग या एसिडिटी हो सकती है।

नींद में खलल (Sleep Disturbance): कुछ फलों में शुगर (Fructose) अधिक होती है, जो आपको अचानक एनर्जी स्पाइक दे सकती है, जिससे नींद आने में दिक्कत हो सकती है।

आयुर्वेद का नजरिया: आयुर्वेद के अनुसार, सूर्यास्त के बाद ठंडी तासीर वाली चीजें (जैसे खीरा या तरबूज) खाने से 'कफ' दोष बढ़ सकता है, जिससे जुकाम या साइनस की समस्या हो सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह: कब और कैसे खाएं?

सोने से 2-3 घंटे पहले: यदि आप रात में सलाद या फल खाना चाहते हैं, तो सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें।

खट्टे फलों से बचें: रात के समय संतरा या अंगूर जैसे खट्टे फलों से बचें क्योंकि ये सीने में जलन (Heartburn) पैदा कर सकते हैं।

संतुलन जरूरी: सलाद को रात के खाने के विकल्प के तौर पर न लें, बल्कि इसे भोजन के एक छोटे हिस्से के रूप में शामिल करें।