Esophageal Cancer Risk : अगर आप भी चाय के साथ करते हैं ये 2 काम, तो 5 गुना बढ़ जाता है कैंसर का खतरा
News India Live, Digital Desk: Esophageal Cancer Risk : भाई, एक कड़क गरमा-गरम चाय देना!" - ये आवाज़ आपको भारत की हर गली, हर नुक्कड़ पर सुनाई दे जाएगी. हमारे लिए चाय सिर्फ एक पीने की चीज़ नहीं, बल्कि एक एहसास है. सुबह की नींद खोलने से लेकर, दिन भर की थकान मिटाने और दोस्तों के साथ गपशप करने तक, चाय हमारी ज़िंदगी کا ایک अहम हिस्सा है. लेकिन क्या आपकी यही आदत, यही "खौलती हुई चाय" पीने की तलब, आपको धीरे-धीरे एक गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है?
हाल ही में हुई कई स्टडीज़ ने चाय के शौकीनों के लिए एक चिंताजनक खुलासा किया है. इन रिपोर्ट्स का दावा है कि बहुत ज़्यादा गर्म चाय, कॉफ़ी या कोई भी पेय पदार्थ पीने से खाने की नली (food pipe or esophagus) का कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
तो क्या चाय पीना छोड़ दें?
घबराइए नहीं! समस्या चाय में नहीं, बल्कि उसे पीने के आपके तरीके और उसके तापमान में है. आप आराम से अपनी चाय का मज़ा ले सकते हैं, बस ज़रूरत है थोड़ी सी सावधानी बरतने की.
कितना गर्म है 'जानलेवा'?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस पर चेतावनी जारी की है. वैज्ञानिकों के अनुसार, कोई भी पेय पदार्थ, जिसका तापमान 65 डिग्री सेल्सियस (149°F) से ज़्यादा हो, अगर उसे नियमित रूप से पिया जाए, तो वह कैंसर का कारण बन सकता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जब चाय बनकर कप में डाली जाती है, तो उसका तापमान अक्सर 70 से 85 डिग्री सेल्सियस तक होता है. जब हम इतनी गर्म चाय पीते हैं, तो यह हमारी भोजन नली की अंदरूनी नाजुक परत को जला देती है.
इसे विज्ञान की भाषा में 'थर्मल इंजरी' कहते हैं. जब यह प्रक्रिया रोज़-रोज़ दोहराई जाती है, तो शरीर उन जली हुई कोशिकाओं को ठीक करने की लगातार कोशिश करता है. इस लगातार डैमेज और रिपेयर की प्रक्रिया में, कोशिकाओं में ऐसे बदलाव आ सकते हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेते हैं.
इन लोगों के लिए है 'डबल' खतरा
यह जानना बेहद ज़रूरी है कि सिर्फ गर्म चाय पीना ही कैंसर की गारंटी नहीं है. लेकिन अगर आप गर्म चाय पीने के साथ-साथ स्मोकिंग (सिगरेट, बीड़ी) या शराब का सेवन भी करते हैं, तो आपके लिए यह खतरा पाँच गुना तक बढ़ जाता है.
सोचिए, गर्म चाय ने आपकी भोजन नली की सुरक्षा परत को पहले ही जलाकर कमज़ोर कर दिया है. अब जब आप सिगरेट या शराब पीते हैं, तो उनके ज़हरीले और कैंसर पैदा करने वाले केमिकल्स को उस कमज़ोर परत के अंदर घुसने और खून में मिलने का सीधा रास्ता मिल जाता है. यह एक बेहद खतरनाक कॉम्बिनेशन है.
तो क्या है बचने का आसान तरीका?
इसका उपाय बहुत ही आसान है. आपको अपनी चाय की आदत छोड़ने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है.
बस "दो मिनट" का धैर्य रखें!
चाय को कप में डालने के बाद पीने के लिए उस पर टूट पड़ने की बजाय, उसे बस कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. उसे इतना ठंडा होने दें कि आप आराम से उसकी चुस्की ले सकें, बिना अपनी जीभ जलाए. भारत में दूध वाली चाय पीने का चलन ज़्यादा है, जो चाय के तापमान को थोड़ा कम कर देता है, यह एक अच्छी बात है.
अगली बार जब आप चाय पिएं, तो याद रखें - आपकी सेहत आपके हाथ में है. एक छोटी सी आदत में बदलाव आपको एक बड़ी और जानलेवा बीमारी से बचा सकता है. चाय का मज़ा लीजिए, लेकिन समझदारी के साथ