ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल एपस्टीन फाइल्स से हली पीएम की कुर्सी, कीर स्टार्मर ने इस्तीफे से किया इनकार
News India Live, Digital Desk: ब्रिटेन की सरकार इस समय अपने सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। कुख्यात 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के सार्वजनिक होने के बाद मचे हंगामे ने सीधे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) को निशाने पर ले लिया है। विपक्ष के भारी दबाव और इस्तीफे की मांग के बीच, पीएम स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से पीछे नहीं हटेंगे।
क्या है एपस्टीन फाइल्स का विवाद?
जेफरी एपस्टीन, जो एक बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर था, उसके यौन अपराधों और रसूखदार लोगों से संबंधों की फाइल्स ने दुनिया भर के कई बड़े नामों को बेनकाब किया है। अब इन फाइल्स के कुछ अंश ब्रिटेन की सत्ता के गलियारों तक पहुँच गए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि सरकार के कुछ महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों के संबंध इस विवादित नेटवर्क से हो सकते हैं।
पीएम कीर स्टार्मर ने क्या कहा?
संसद में और मीडिया के सामने प्रधानमंत्री स्टार्मer ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है:
इस्तीफे की मांग खारिज: पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और वह देश की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
जांच का भरोसा: उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच में सहयोग करने को तैयार है, लेकिन इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
विपक्ष पर हमला: स्टार्मर ने विपक्षी दलों पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
ब्रिटेन सरकार के लिए क्यों है यह बड़ी चुनौती?
ब्रिटेन की जनता पहले से ही महंगाई और आर्थिक मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है। ऐसे में एपस्टीन फाइल्स जैसे व्यक्तिगत और नैतिक स्कैंडल का नाम आना पीएम की छवि को बड़ा नुकसान पहुँचा सकता है। सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में "Starmer Resign" जैसे ट्रेंड्स ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।