इंडियन आइडल में दो बार हुए रिजेक्ट, अब छठी मैया के गीत से छाए विशाल मिश्रा; अरिजीत सिंह से हो रही तुलना

इंडियन आइडल में दो बार हुए रिजेक्ट, अब छठी मैया के गीत से छाए विशाल मिश्रा; अरिजीत सिंह से हो रही तुलना

किसी छोटे शहर की तंग गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई के ग्लैमरस फलक पर अपनी अमिट छाप छोड़ना कोई आसान काम नहीं होता। सपनों के इस शहर में हर रोज हजारों की संख्या में युवा अपनी आंखों में हुनर और उम्मीदें संजोए दाखिल होते हैं, लेकिन सफलता का ताज केवल उसी के सिर सजता है जो लगातार मिलने वाली असफलताओं और कड़वे रिजेक्शन से कभी हार नहीं मानता। भारतीय संगीत जगत में आज एक ऐसा ही नाम बेहद मजबूती के साथ उभरा है, जिसने अपनी रूहानी आवाज और संगीत की गहरी समझ से करोड़ों दिलों पर राज कर लिया है। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से ताल्लुक रखने वाले जाने-माने पार्श्व गायक और संगीतकार विशाल मिश्रा की, जिनकी तुलना आज संगीत के दिग्गज अरिजीत सिंह से की जा रही है और जिनका गाया महापर्व छठ का एक पारंपरिक गीत इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर व्यूज के तमाम रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

फिल्म 'द वन' में छठी मैया के गीत ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका

विशाल मिश्रा इन दिनों बॉलीवुड की आगामी बहुचर्चित फिल्म 'द वन' में शामिल छठ पूजा के पारंपरिक गीत को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में बने हुए हैं। तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत इस फिल्म में विशाल मिश्रा ने लोक आस्था के महापर्व छठ पर आधारित 'छठी मैया' गीत को अपनी खास सूफियाना और भावुक आवाज में पिरोया है। इस गीत के मार्मिक बोल जाने-माने गीतकार कुशाल किशोर ने लिखे हैं, जबकि इसे गाने के साथ-साथ इसका संपूर्ण संगीत संयोजन और कंपोजिशन भी खुद विशाल मिश्रा ने तैयार किया है। 10 सितंबर को यूट्यूब पर रिलीज किए जाने के बाद से ही यह गीत हर उम्र के श्रोताओं की पहली पसंद बन चुका है और अब तक इसे 4 करोड़ 76 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। पारंपरिक भक्ति भावना और आधुनिक वाद्ययंत्रों के अद्भुत संगम ने इस गाने को इस साल का सबसे बड़ा भक्ति चार्टबस्टर बना दिया है।

दो बार इंडियन आइडल के मंच पर झेला कड़वा रिजेक्शन

विशाल मिश्रा के लिए बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बनाने का सफर कांटों से भरा रहा है। शुरुआत के दिनों में वे छोटे-मोटे काम और स्टूडियोज में स्क्रैच रिकॉर्डिंग करके अपना गुजारा करते थे। अपनी गायकी के सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने मशहूर रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के चौथे सीजन के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन जजों ने उस वक्त उन्हें यह कहकर सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया था कि वे अभी गायकी के लिहाज से बहुत छोटे हैं और उन्हें अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। इस असफलता से टूटने के बजाय विशाल ने अपनी संगीत साधना को और धार दी और विधिवत शास्त्रीय संगीत का कड़ा रियाज शुरू किया। अपनी लगन के दम पर वे एक बार फिर 'इंडियन आइडल' के सीजन 6 में अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे, लेकिन किस्मत ने उनका इम्तिहान जारी रखा और उन्हें लगातार दूसरी बार उसी मंच से रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।

तमिल फिल्म 'देवी' से शुरुआत और 'पहले भी मैं' तक का स्वर्णिम सफर

लगातार दो बड़े रियलिटी शो से नकारे जाने के बावजूद विशाल मिश्रा ने कभी संगीत का दामन नहीं छोड़ा। उनके संघर्ष को पहला बड़ा ब्रेक वर्ष 2016 में मिला, जब उन्हें प्रभुदेवा और सोनू सूद अभिनीत द्विभाषी तमिल फिल्म 'देवी' में संगीत देने और गाने का मौका मिला। इस फिल्म के गानों को मिली अपार सफलता ने संगीत निर्देशकों का ध्यान उनकी असाधारण प्रतिभा की ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए। 'करीब करीब सिंगल' का 'जाने दे', शाहिद कपूर की 'कबीर सिंह' का आइकॉनिक गाना 'कैसे हुआ', फिल्म 'एनिमल' का ब्लॉकबस्टर ट्रैक 'पहले भी मैं', फिल्म 'खुदा हाफिज 2' का 'जान बन गए' और देशभक्ति से लबरेज 'घर कब आओगे' जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड के अग्रिम पंक्ति के गायकों में शामिल कर दिया। आज उनकी दर्दभरी और मखमली आवाज के चलते संगीत प्रेमी उन्हें आधुनिक दौर का सबसे संवेदनशील फनकार मानते हैं, जो साबित करता है कि सच्ची प्रतिभा को कोई भी मंच ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज नहीं कर सकता।