शेयर बायबैक का बड़ा ऐलान: 29 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में फैसला लेगी TCI, ट्रेडिंग विंडो तुरंत बंद

शेयर बायबैक का बड़ा ऐलान: 29 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में फैसला लेगी TCI, ट्रेडिंग विंडो तुरंत बंद

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को सामान्य कारोबारी सत्र समाप्त होने के ठीक बाद लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर की प्रमुख दिग्गज कंपनी ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (TCI) ने अपने शेयरधारकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घोषणा की है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को औपचारिक नियामक फाइलिंग में सूचित किया है कि उसके निदेशक मंडल की एक अहम बैठक आगामी मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को आयोजित होने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक में कंपनी के पूर्ण चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा और उसे अंतिम मंजूरी प्रदान की जा सकती है। बाजार बंद होने के बाद आई इस बड़ी खबर के चलते दलाल स्ट्रीट के निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें अब 29 सितंबर को होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिक गई हैं।

29 सितंबर को बोर्ड मीटिंग में बायबैक प्रस्ताव पर होगा अंतिम मंथन

कंपनी द्वारा सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के प्रावधानों के तहत दी गई विनियामक जानकारी के अनुसार, निदेशक मंडल की आगामी बैठक में कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और सरप्लस कैश फ्लो के आकलन के आधार पर बायबैक के दायरे को तय किया जाएगा। यह समूची प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 के संबंधित अनुभागों, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी (बाय-बैक ऑफ सिक्योरिटीज) रेगुलेशंस और केंद्र सरकार के अन्य लागू कॉरपोरेट कानूनों के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी। शेयर बायबैक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी द्वारा अपने ही शेयरों को बाजार अथवा मौजूदा शेयरधारकों से प्रीमियम पर वापस खरीदने की एक ऐसी कॉर्पोरेट प्रक्रिया है, जिससे कंपनी के प्रति प्रमोटरों और प्रबंधन का मजबूत भरोसा प्रदर्शित होता है और प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत ट्रेडिंग विंडो तत्काल प्रभाव से बंद

नियामक फाइलिंग में ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (TCI) ने स्पष्ट किया है कि सेबी (प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशंस और कंपनी के अपने 'कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्रिवेंशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग' के कड़े मानकों का पालन करते हुए कंपनी के नामित व्यक्तियों, निदेशकों, प्रमोटरों और उनसे जुड़े नजदीकी रिश्तेदारों के लिए शेयरों में किसी भी प्रकार के लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ट्रेडिंग विंडो की यह पाबंदी केवल 29 सितंबर की बोर्ड बैठक तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के अन-ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा हेतु आयोजित होने वाली आगामी बोर्ड बैठक के नतीजे सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद तक लगातार प्रभावी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की गोपनीय सूचनाओं के अनुचित लाभ की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

एनएसई और बीएसई पर लिस्टेड TCI: कीमत और बायबैक साइज पर निगाहें

ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का इक्विटी शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 'TCI' सिंबल के अंतर्गत और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर स्क्रिप कोड '532349' के साथ सक्रिय रूप से कारोबार करता है। कंपनी ने अपनी प्राथमिक सूचना में यह साफ कर दिया है कि बायबैक के लिए प्रति शेयर ऑफर प्राइस क्या होगा, बायबैक का कुल आकार कितने करोड़ रुपये का होगा, कंपनी कुल कितने इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी और यह बायबैक टेंडर रूट के जरिए होगा या ओपन मार्केट परचेज के माध्यम से किया जाएगा, इन तमाम तकनीकी व वित्तीय विवरणों की आधिकारिक घोषणा 29 सितंबर को बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में मजबूत मांग और कंपनी के ठोस फंडामेंटल्स को देखते हुए निवेशक इस बायबैक पर आकर्षक प्रीमियम की उम्मीद लगाए बैठे हैं।