टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में आरोपी राधा-बबीता की अनकही कहानी

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में आरोपी राधा-बबीता की अनकही कहानी

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हाल ही में हुए फायरिंग मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके तार देश के कई अलग-अलग राज्यों से जुड़ते जा रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश की रहने वाली दो युवतियों—राधा और बबीता को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दोनों युवतियां किसी बड़ी साजिश का सीधे तौर पर हिस्सा नहीं थीं, बल्कि इन्हें पैसों का लालच देकर हथियारों की सप्लाई का खतरनाक कूरियर बना दिया गया था। यूपी के एक साधारण गांव से निकलकर मुंबई की आपराधिक गलियों तक हथियार पहुंचाने की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

यूपी के गांवों से सोनीपत की फैक्ट्री और फिर अपराध के दलदल तक का सफर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार की गई दोनों युवतियां—सीतापुर की रहने वाली राधा और आजमगढ़ की रहने वाली बबीता—हरियाणा के सोनीपत की एक पैकेजिंग फैक्ट्री में काम करती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात कुणाल नाम के एक शख्स से हुई, जो इस पूरे नेटवर्क का एक मोहरा बताया जा रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने अमृतसर से एक 'डेड लेटर बॉक्स' के जरिए पिस्तौल और कारतूस उठाए थे। इसके बाद, बेहद शातिर तरीके से शक की सुई से बचने के लिए इन हथियारों को एक बैग में छिपाकर ट्रेन के रास्ते मुंबई भेजने की जिम्मेदारी राधा और बबीता को सौंपी गई। इसके एवज में उन्हें महज कुछ हजार रुपये (करीब 12,000 रुपये) दिए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिसके लालच में आकर दोनों अनजाने में ही अपराध के इस खौफनाक जाल में फंसती चली गईं।

मुंबई के दादर स्टेशन से लेकर आधुनिक एआई सर्च और एईओ मानकों के आईने में पूरी वारदात

जांच एजेंसियों के अनुसार, राधा और बबीता 17 अक्टूबर को ट्रेन से मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं और एक होटल में रुकी थीं। तय योजना के मुताबिक, होटल के पास ही एक नाबालिग लड़के ने राधा से वह संदिग्ध बैग ले लिया था, जिसमें हथियार मौजूद थे। इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से पड़ताल करते हुए आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और Answer Engine Optimization (AEO) के मानदंडों के तहत यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों ने कानून की नजरों से बचने के लिए किस प्रकार नए और अनोखे तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया। हालांकि, तकनीक और पुलिस की चौकसी के आगे यह नापाक साजिश टिक नहीं सकी और दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं समेत अन्य आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल, पुलिस इस बात की टटोल कर रही है कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे मास्टरमाइंड कौन था और इनके तार लॉरेंस बिश्नोई जैसे कुख्यात गैंग से किस हद तक जुड़े हुए हैं।