बड़े पर्दे पर उतरा पूर्वांचल का खूनी सिंहासन: सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'मेटा' थ्रिलर 'मिर्जापुर द मूवी'
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के इतिहास में सबसे बड़ी और क्रूर फैन फॉलोइंग हासिल करने वाली क्राइम थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'मिर्जापुर' अब छोटे पर्दे का दायरा तोड़कर सीधे सिल्वर स्क्रीन पर आ चुकी है। एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी 'मिर्जापुर द मूवी' (Mirzapur The Movie) के सिनेमाघरों में रिलीज होते ही पूरे देश के सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों में दर्शकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। कालीन भैया के शांत और खतरनाक अंदाज, गुड्डू पंडित के गुस्से और उनके डोले-शोलों के साथ-साथ इस बार फिल्म में जिस तरह का भव्य स्केल और खूनी संघर्ष दिखाया गया है, उसने बॉक्स ऑफिस पर आते ही गदर मचा दिया है। फिल्म के निर्देशक और लेखकों ने वेब सीरीज के तीनों सीजनों के बाद इस सिनेमाई रूपांतरण में पूर्वांचल की राजनीति, माफिया तंत्र और गन कल्चर के उस दौर को और भी ज्यादा धारदार तरीके से पेश किया है। टिकट खिड़की पर पहले दिन से मिल रहे बंपर रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया है कि आज भी भारतीय दर्शकों के सिर पर 'मिर्जापुर' के भौकाल का नशा पूरी तरह सवार है।
सोशल मीडिया पर छाया 'मिर्जापुर द मूवी' का जादू: X और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहे वन-लाइनर्स
फिल्म के रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब शॉर्ट्स पर 'मिर्जापुर' के नए डायलॉग्स की बाढ़ आ गई है। दर्शक सिनेमाघरों के अंदर से ही वीडियो क्लिप्स, मीम्स और टेक्स्ट कोट्स शेयर कर रहे हैं। इस बार फिल्म के संवादों (Dialogues) में पहले से कहीं अधिक व्यंग्य, खौफ, धमकी और देसी एटीट्यूड का कॉकटेल देखने को मिल रहा है। 'कालीन भैया' (पंकज त्रिपाठी) की धीमी लेकिन रीढ़ में सिहरन पैदा कर देने वाली आवाज हो या फिर 'गुड्डू पंडित' (अली फज़ल) का आक्रामक तेवर, हर एक किरदार के मुंह से निकले शब्द इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। आइए नजर डालते हैं उन टॉप डायलॉग्स पर जिन्होंने इस समय सोशल मीडिया की दुनिया को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया है:
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"इज्जत सबकी करेंगे, लेकिन कसम पैदा करने वाले की... गन हमारी होगी और ट्रिगर हमारा अंगूठा दबाएगा!" — यह डायलॉग सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा शेयर किया जा रहा है, जिसे गुड्डू पंडित के चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में बोला गया है।
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"शतरंज बिछ चुकी है, मोहरे भी नए हैं... फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार राजा अपनी चाल खुद चलेगा, किसी के कहने पर नहीं।" — कालीन भैया के इस शांत और खूंखार डायलॉग पर सिनेमाघरों में तालियों और सीटियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी है।
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"भय होना चाहिए... दिमाग में भी और इलाके की हर एक गली में भी, तभी राज कायम रहता है।" — पूर्वांचल के माफिया राज की कड़वी सच्चाई को बयां करता यह कोट इंटरनेट पर सबसे लोकप्रिय मीम मटेरियल बन चुका है।
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"मजबूती रिश्तों से नहीं, बारूद और खून के रिश्तों से नापी जाती है।" — फिल्म के एक्शन सीक्वेंस के दौरान बोला गया यह संवाद दर्शकों की जुबान पर रट गया है।
मुन्ना भैया की वापसी और वेब सीरीज से कितनी अलग है यह फिल्म?
'मिर्जापुर द मूवी' को लेकर सबसे बड़ा सरप्राइज वह रहस्य रहा है जिसे मेकर्स ने पूरी तरह गुप्त रखा था—जी हां, पूर्वांचल के दिलों पर राज करने वाले अमर किरदार 'मुन्ना भैया' (दिव्येंदु) की बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी। जैसे ही पर्दे पर मुन्ना भैया की एंट्री होती है, सिनेमाघरों में दर्शकों की हूटिंग देखने लायक होती है। सीरीज के अंत में भले ही उनके किरदार को लेकर असमंजस था, लेकिन फिल्म के प्लॉट में जिस तरह से उन्हें वापस लाया गया है, उसने कहानी के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया है।
वेब सीरीज और इस फिल्म के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए ट्रेड एनालिस्ट्स का कहना है कि यह फिल्म केवल कुछ एपिसोड्स का संकलन नहीं है, बल्कि इसे बड़े कैनवास पर एक कंपलीट एक्शन ड्रामा के रूप में गढ़ा गया है। सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर (जो मिर्जापुर के उस आइकॉनिक थीम म्यूजिक के साथ गूंजता है), और वीएफएक्स का स्तर काफी उन्नत है। हालांकि, फिल्म में गालियों, खून-खराबे और वयस्क सामग्री की भरमार है, जिसके चलते इसे 'ए' (Adults Only) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया है, लेकिन इसके बावजूद युवा वर्ग में इसे लेकर भारी क्रेज देखा जा रहा है।
क्रिटिक्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग के संकेत
जहां एक तरफ आम जनता और 'मिर्जापुर' के हार्डकोर फैंस इस फिल्म को सिनेमाघरों का सबसे बड़ा फेस्टिवल बता रहे हैं, वहीं फिल्म समीक्षकों (Critics) की ओर से इसे मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ क्रिटिक्स का मानना है कि फिल्म की लंबाई और अत्यधिक हिंसा कभी-कभी कहानी को थोड़ा धीमा कर देती है, तो वहीं अधिकांश समीक्षकों ने पंकज त्रिपाठी और अली फज़ल की शानदार अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और बड़े पर्दे के भव्य सेट डिजाइन की खुलकर तारीफ की है।
वीकेंड (शनिवार और रविवार) के एडवांस बुकिंग के आंकड़े यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म अपने पहले तीन दिनों में ही कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की स्थिति में है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में तो कई शो 'हाउसफुल' चल रहे हैं। 'मिर्जापुर द मूवी' ने यह साबित कर दिया है कि भारत में 'मास सिनेमा' और पावरफुल कैरेक्टर-ड्रिवन कहानियों का क्रेज अभी भी चरम पर है। यदि आप भी कालीन भैया के उस साम्राज्य के गवाह बनना चाहते हैं जहां हर सांस पर खतरा और हर नजर पर पिस्तौल का पहरा होता है, तो यह फिल्म आपके नजदीकी सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है।