'जब तक मैं थी, टीआरपी टॉप पर थी': नेहा कक्कड़ ने खोला 'इंडियन आइडल' छोड़ने का राज, शो के गिरते फेम और स्क्रिप्टेड होने के दावों पर आलोचकों को दिया करारा जवाब

'जब तक मैं थी, टीआरपी टॉप पर थी': नेहा कक्कड़ ने खोला 'इंडियन आइडल' छोड़ने का राज, शो के गिरते फेम और स्क्रिप्टेड होने के दावों पर आलोचकों को दिया करारा जवाब

बॉलीवुड की लोकप्रिय पार्श्व गायिका नेहा कक्कड़ ने आखिरकार सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' से अपनी दूरी बनाने के पीछे की असली वजह का खुलासा कर दिया है। कई सालों तक जज की कुर्सी पर बैठकर शो की पहचान बनीं नेहा कक्कड़ ने स्पष्ट किया कि शो को छोड़ने का निर्णय पूरी तरह से उनका निजी फैसला था। उन्होंने बताया कि इस मंच से उन्हें बेहिसाब प्यार और सम्मान मिला और मेकर्स उन्हें किसी भी कीमत पर जाने नहीं देना चाहते थे। मेकर्स का कहना था कि वे नेहा के बिना शो की कल्पना भी नहीं कर सकते। हालांकि, लगातार पांच वर्षों तक एक ही शो का हिस्सा रहने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वे हर सीजन में एक ही प्रक्रिया को दोहरा रही हैं। स्वभाव से नए बदलावों और अलग अनुभवों को प्राथमिकता देने के कारण उन्होंने खुद शो से ब्रेक लेने का कदम उठाया।

'अंगूर खट्टे हैं...': टीआरपी में गिरावट पर नेहा का बेबाक बयान

एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान जब नेहा कक्कड़ से पूर्व जजों के बयानों और हालिया सीजन्स में शो की घटती लोकप्रियता और टीआरपी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद तीखा और बेबाक जवाब दिया। नेहा ने सीधे तौर पर कहा कि शो का फेम इसलिए गिरा है क्योंकि उन्होंने शो छोड़ दिया। जब तक वे इस शो से जुड़ी थीं, तब तक इसकी टीआरपी रिकॉर्ड स्तर पर शीर्ष पर बनी हुई थी। शो की आलोचना करने वाले लोगों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन्हें मौका नहीं मिलता, उनके लिए हमेशा 'अंगूर खट्टे ही होते हैं'। उन्होंने गर्व से कहा कि उन्होंने इंडियन आइडल को कई ब्लॉकबस्टर और सुपरहिट सीजन्स दिए हैं। अब जब वे शो का हिस्सा नहीं हैं और शो पहले जैसा कमाल नहीं दिखा पा रहा है, तो इसमें वे कुछ नहीं कर सकतीं क्योंकि उनका पूरा ध्यान अब अपने नए प्रोजेक्ट्स और करियर के नए आयामों पर है।

शो के 'स्क्रिप्टेड' होने और रोने के आरोपों पर दिया दिल छू लेने वाला तर्क

रियलिटी शो के मंच पर अक्सर कंटेस्टेंट्स की भावुक कहानियां सुनकर आंसू बहाने को लेकर नेहा कक्कड़ को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जाता रहा है। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने शो के स्क्रिप्टेड होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान की असल जिंदगी, उसका दर्द और कड़ा संघर्ष कभी स्क्रिप्टेड नहीं हो सकता। नेहा ने कहा कि हम सभी बेहद साधारण और शालीन भारतीय पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। जब देश के छोटे-छोटे कस्बों और गांवों से आए प्रतिभागी अपनी वास्तविक कठिनाइयों और संघर्षों को बयां करते हैं, तो एक संवेदनशील इंसान होने के नाते भावुक होना और रो पड़ना बिल्कुल स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अगर सही समय और परिस्थितियां बनीं, तो वे दोबारा इस मंच पर वापसी करने पर विचार कर सकती हैं।