'सिर्फ नॉन-वेज छोड़ना काफी नहीं...': रामायण में रणबीर कपूर के 'राम' बनने पर हनुमान अंश की प्रोड्यूसर का तीखा रिएक्शन
भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी और लगभग 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट में तैयार हो रही बहुचर्चित पौराणिक फिल्म 'रामायण' (Ramayana) को लेकर दर्शकों और फिल्म उद्योग में जबरदस्त कौतूहल बना हुआ है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस भव्य सिनेमैटिक गाथा में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की केंद्रीय भूमिका को पर्दे पर साकार कर रहे हैं। इस दिव्य किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए अभिनेता द्वारा मांसाहार और निकोटिन के त्याग की खबरें लंबे समय से मीडिया की सुर्खियां बनी हुई हैं। हालांकि, अब आध्यात्मिक और पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित प्रोजेक्ट 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने रणबीर कपूर के इस बहुचर्चित ट्रांसफॉर्मेशन पर अपनी बेबाक राय रखकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भगवान राम जैसे आराध्य का स्वरूप धारण करने के लिए केवल खान-पान से नॉन-वेज हटा देना ही पर्याप्त साधना नहीं है।
'हनुमान अंश' के शोभिनव सत्या का उदाहरण देकर समझाई किरदार की गंभीरता
हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार और पॉडकास्टर सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक विस्तृत बातचीत के दौरान अनुप्रिया नागर ने पौराणिक और आध्यात्मिक किरदारों को जीने की नैतिक व आत्मिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट 'हनुमान अंश' में पूज्य संत नीम करोली बाबा (महाराज जी) का पावन स्वरूप निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। अनुप्रिया ने रेखांकित किया कि शोभिनव ने केवल संवाद अदायगी नहीं की, बल्कि महाराज जी की सादगी, पवित्रता और वैराग्य को अपनी निजी जीवनशैली में पूरी तरह उतार लिया था। उन्होंने कहा, 'शोभिनव सत्या ने जब हमारे प्रोजेक्ट में महाराज जी का किरदार निभाया, तो उन्होंने उस चरित्र को आत्मा से जिया और यही कारण है कि आज भी आम लोग और श्रद्धालु उन्हें सामान्य अभिनेता के बजाय साक्षात महाराज जी की छवि मानकर नमन करते हैं। जब आप 'रामायण' जैसी अमर कृति बनाते हैं, तो वहां भी पूरी यूनिट और फिल्म की टीम को उस कलाकार में भगवान राम का साक्षात तेज और निष्कलंक भाव दिखना चाहिए।'
प्रेमानंद महाराज के वचनों का हवाला: आचरण, संगति और विनम्रता सबसे बड़ा धर्म
अनुप्रिया नागर ने भारतीय सनातन परंपरा और पूज्य संत प्रेमानंद जी महाराज के आध्यात्मिक उपदेशों का संदर्भ देते हुए एक कलाकार के चरित्र पर गंभीर चिंतन साझा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम का अभिनय करने वाले किसी भी शख्स का आचरण पर्दे के पीछे भी उतना ही निष्कलंक होना चाहिए जितना कि शास्त्र सम्मत चरित्र का होता है। अनुप्रिया ने कहा, 'जैसा कि पूज्य प्रेमानंद महाराज हमेशा कहते हैं, एक कलाकार का केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि उसका समूचा चरित्र, उसका उठना-बैठना और उसकी संगत भी अत्यंत शुद्ध होनी चाहिए। आप समाज में किससे मिलते हैं, सार्वजनिक मंचों पर आपकी कैसी छवि दिखाई देती है और आप किन महफिलों में जाते हैं—ये सभी बातें बहुत गहरा असर डालती हैं। भले ही कोई अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और शोहरत के सबसे ऊंचे शिखर पर क्यों न पहुंच गया हो, जब वह प्रभु श्री राम की वेशभूषा धारण करता है तो उसे परम विनम्रता और आत्म-नियंत्रण का पालन करना होता है। इसलिए महज मांसाहार छोड़ देना अपने आप में कोई बहुत बड़ा त्याग नहीं है।'
शूटिंग से पहले रोज हनुमान चालीसा का पाठ और दर्शकों का पावन संकल्प
अनुप्रिया नागर ने इस दौरान एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक जागरूक दर्शक ने केवल 'हनुमान अंश' को देखने के लिए पहले से ही मांसाहार का पूर्ण त्याग करने का पावन संकल्प ले लिया था। उन्होंने इस घटना को जोड़ते हुए कहा, 'जरा सोचिए, जब एक आम दर्शक किसी आध्यात्मिक कृति के प्रति इतना गहरा सम्मान रखता है और अपने खान-पान में सात्विकता लाता है, तो फिर उस किरदार को पर्दे पर निभाने वाले मुख्य अभिनेता की नैतिक जिम्मेदारी कितनी गुना बढ़ जाती है। नॉन-वेज छोड़ना तो साधना की केवल एक बहुत छोटी सी शुरुआत है, इसके आगे आपको मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए कई कठिन संकल्प लेने पड़ते हैं। उदाहरण के तौर पर, जब हमारी टीम 'हनुमान अंश' की शूटिंग कर रही थी, तो हमारी पूरी यूनिट ने काम शुरू करने से पहले रोजाना नियमपूर्वक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करने का अटूट संकल्प लिया था, जिससे सेट पर एक असीम सात्विक ऊर्जा बनी रहती थी।'
दीवाली पर रिलीज होगा 'रामायण' का पहला भाग, रणबीर के त्याग पर टिकीं निगाहें
उल्लेखनीय है कि जब रणबीर कपूर को भगवान राम के रोल के लिए कास्ट किया गया था, तभी से यह खबर सामने आई थी कि अभिनेता ने अपने किरदार की पवित्रता और जनभावनाओं का आदर करते हुए सिगरेट, शराब और सभी प्रकार के नॉन-वेज भोजन से पूरी तरह दूरी बना ली है। दो भागों में बन रही इस महागाथा का पहला भाग इसी साल दीवाली के पावन अवसर पर वैश्विक स्तर पर रिलीज होने वाला है। जहां रणबीर के प्रशंसक पर्दे पर उनके इस सात्विक अवतार को देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं, वहीं अनुप्रिया नागर का यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि भारतीय जनमानस पौराणिक आराध्यों के किरदारों से केवल शारीरिक बनावट या दिखावटी परहेज की नहीं, बल्कि संपूर्ण आध्यात्मिक समर्पण और भीतरी मर्यादा की अपेक्षा रखता है।