आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म 'उड़ता तीर' पर नेपाल में लगा बैन
बॉलीवुड गलियारों से इस समय एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जाने-माने और वर्सेटाइल अभिनेता आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) और खूबसूरत अभिनेत्री सारा अली खान (Sara Ali Khan) की आगामी बहुचर्चित फिल्म 'उड़ता तीर' (Udta Teer) सेंसर बोर्ड और प्रशासनिक अड़चनों के चलते भारी विवादों में घिर गई है। इस फिल्म को लेकर पिछले कई महीनों से फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ था, क्योंकि पहली बार बड़े पर्दे पर आयुष्मान और सारा की यह फ्रेश जोड़ी एक साथ नजर आने वाली थी।
लेकिन फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने से ठीक पहले नेपाल से एक ऐसी खबर आई है जिसने मेकर्स और निर्माताओं के होश उड़ा दिए हैं। नेपाल सरकार और वहां के स्थानीय सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म के कंटेंट, कुछ संवेदनशील दृश्यों और भू-राजनीतिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए नेपाल में इसके प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस अचानक लगे बैन के बाद से बॉलीवुड से लेकर पड़ोसी देश तक सनसनी फैल गई है और इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि फिल्म को रिलीज से पहले ही इतने बड़े झटके का सामना करना पड़ा।
आखिर क्यों नेपाल सरकार ने उठाया यह कड़ा कदम और क्या है विवाद की जड़?
किसी भी फिल्म पर जब सेंसर बोर्ड या सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया जाता है, तो उसके पीछे कोई न कोई गहरे राजनीतिक, सामाजिक या सांस्कृतिक कारण जुड़े होते हैं। 'उड़ता तीर' फिल्म के मामले में भी नेपाल के सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि फिल्म के कुछ डायलॉग्स, सीन्स और उसका मूल कथानक पड़ोसी देशों के आपसी रिश्तों, सामाजिक ताने-बाने और सांस्कृतिक भावनाओं को आहत कर सकता है। फिल्म की कहानी जिस प्रकार की पृष्ठभूमि पर आधारित है, उसमें कुछ ऐसे काल्पनिक या विवादित प्रसंग दिखाए गए हैं जो नेपाल के मौजूदा नियमों और सेंसरशिप गाइडलाइंस के बिल्कुल विपरीत बैठते हैं।
जब फिल्म के निर्माताओं ने नेपाल के सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए अपनी फाइल जमा की थी, तो बोर्ड के सदस्यों ने कई कट और संशोधनों का सुझाव दिया था। लेकिन मेकर्स और बोर्ड के बीच कंटेंट में बदलाव को लेकर कोई आम सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते अंत में नेपाल के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इस फिल्म के सार्वजनिक प्रदर्शन पर आधिकारिक रूप से रोक लगाने का कड़ा फैसला सुना दिया।
मेकर्स और स्टार कास्ट के लिए एक बड़ा वित्तीय और रणनीतिक झटका
आयुष्मान खुराना और सारा अली खान जैसे बड़े कलाकारों से सजी इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर एक ग्लोबल हिट बनाने के लिए निर्माताओं ने पानी की तरह पैसा बहाया है। नेपाल में बॉलीवुड फिल्मों का एक बहुत बड़ा और वफादार दर्शक वर्ग मौजूद है, और हर बड़ी हिंदी फिल्म वहां के सिनेमाघरों में बंपर कमाई करती है। ऐसे में, रिलीज से ठीक पहले नेपाल जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिल्म पर बैन लगना निर्माताओं के लिए बहुत बड़ा वित्तीय और मानसिक झटका है।
फिल्म के ओवरसीज बिजनेस (Overseas Business) और डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स पर भी इस बैन का सीधा और नकारात्मक असर पड़ेगा। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि इस तरह के विवादों से फिल्म की ओपनिंग डे की हाइप पर असर पड़ सकता है, हालांकि भारत और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिल्म के प्रति दर्शकों का क्रेज अभी भी काफी ज्यादा बना हुआ है।
आयुष्मान खुराना और सारा अली खान के करियर के लिए कितनी अहम है यह फिल्म
अपने अनोखे और लीक से हटकर विषयों पर आधारित फिल्मों के चयन के लिए पहचाने जाने वाले आयुष्मान खुराना के लिए 'उड़ता तीर' एक बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। उनके पिछले कुछ बॉक्स ऑफिस प्रोजेक्ट्स उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, ऐसे में यह फिल्म उनके करियर के लिए एक नया टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती थी। दूसरी ओर, सारा अली खान भी इस फिल्म में एक बिल्कुल ही नए और एक्शन से भरपूर अवतार में नजर आने वाली हैं।
फिल्म के मेकर्स अब इस कानूनी और प्रशासनिक पेंच को सुलझाने के लिए नेपाल के उच्च न्यायालय और संबंधित फिल्म बोर्ड के अधिकारियों के साथ बातचीत करने का विकल्प तलाश रहे हैं ताकि यदि संभव हो सके, तो कुछ बदलावों के साथ बैन को हटवाया जा सके। हालांकि, फिलहाल के लिए स्थिति यह है कि नेपाल में इस फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह से बंद नजर आ रहा है।
भारत में फिल्म की रिलीज और सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
भले ही नेपाल में 'उड़ता तीर' को लेकर झटका लगा हो, लेकिन भारत में इस फिल्म के प्रमोशन और रिलीज की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसके गानों और एक्शन सीन्स की जमकर चर्चा हो रही है। जैसे ही नेपाल में फिल्म पर बैन लगने की खबर भारत के सोशल मीडिया यूजर्स तक पहुंची, इंटरनेट पर इस पर एक लंबी बहस छिड़ गई।
एक तरफ जहां कुछ लोग सेंसरशिप के सख्त नियमों को सही ठहरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले लोग इसे मेकर्स के साथ नाइंसाफी बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या निर्माता फिल्म के कुछ हिस्सों में एडिट करके नेपाल के दर्शकों के लिए इसे दोबारा पास करा पाते हैं या नहीं, लेकिन इस विवाद ने 'उड़ता तीर' की पब्लिसिटी में और अधिक चार चांद लगा दिए हैं।