अनिल कपूर ने सुनाया 'मन्नत' का किस्सा, बोले- यहीं 'तेजाब' की शूटिंग की

अनिल कपूर ने सुनाया 'मन्नत' का किस्सा, बोले- यहीं 'तेजाब' की शूटिंग की

बॉलीवुड के 'एवरग्रीन' सुपरस्टार अनिल कपूर ने हिंदी सिनेमा के किंग यानी शाहरुख खान के प्रतिष्ठित बंगले 'मन्नत' (Mannat) को लेकर एक बेहद दुर्लभ और दिल छू लेने वाला संस्मरण साझा किया है। एक खास बातचीत के दौरान अनिल कपूर ने बताया कि मुंबई के बांद्रा स्थित जिस ऐतिहासिक बंगले को आज पूरी दुनिया शाहरुख खान के 'मन्नत' के रूप में जानती है, वहां कभी उनकी सुपरहिट फिल्म 'तेजाब' (Tezaab) के मशहूर गानों और दृश्यों की शूटिंग हुई थी। अनिल कपूर ने बताया कि उस दौर में जब यह बंगला 'विला विएना' के नाम से जाना जाता था, तब वहां शूटिंग के दौरान ही उनकी मुलाकात एक युवा और जोशीले शाहरुख खान से हुई थी। अनिल कपूर के अनुसार, उस वक्त शाहरुख की आंखों में एक ऐसा अटूट सपना और असीम आत्मविश्वास झलक रहा था जिसने उन्हें उसी पल आभास करा दिया था कि यह लड़का एक दिन पूरी दुनिया पर राज करेगा और खुद इस ऐतिहासिक इमारत का मालिक बनेगा।

विला विएना से मन्नत तक का सफर: अनिल कपूर ने ताजा कीं 80 के दशक की अनमोल यादें

80 के दशक के उस सुनहरे दौर को याद करते हुए अनिल कपूर ने बताया कि जब वे अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'तेजाब' की शूटिंग कर रहे थे, तब बांद्रा का यह समुद्र तट के किनारे स्थित बंगला शूटिंग लोकेशन के रूप में काफी लोकप्रिय था। उस समय इस खूबसूरत विला की अपनी एक अलग ही भव्यता और ऐतिहासिक पहचान हुआ करती थी। अनिल कपूर ने बताया कि 'एक दो तीन' और 'सो गया ये जहां' जैसे गानों के बैकग्राउंड और घर के हिस्सों में जब कैमरे की लाइटें जगमगाती थीं, तो उस बंगले का आकर्षण देखते ही बनता था। उन्होंने कहा कि समय के साथ उस जगह का नाम जरूर बदल गया और वह 'मन्नत' बन गया, लेकिन जब भी वे उस बंगले के सामने से गुजरते हैं या वहां जाते हैं, तो उनके दिमाग में 'तेजाब' के वे सुनहरे दिन और पुरानी यादें आज भी तरोताजा हो उठती हैं।

"शाहरुख की आंखों में झलकता था एक अलग ही जुनून": पहली मुलाकात का अनसुना किस्सा

अनिल कपूर ने उस ऐतिहासिक क्षण का जिक्र करते हुए बताया कि जब शाहरुख खान दिल्ली से अपने सपनों की नगरी मुंबई आए थे और फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौर में दोनों का आमना-सामना हुआ था। अनिल कपूर ने बताया कि शाहरुख में गजब की ऊर्जा और अपने काम के प्रति एक अनोखा पागलपन था। शूटिंग के दौरान शाहरुख बड़े ध्यान से हर दृश्य को देखते थे और उनके चेहरे पर एक ऐसा दृढ़ संकल्प दिखाई देता था जो आम नए कलाकारों में देखने को नहीं मिलता। अनिल कपूर ने कहा कि जब उन्होंने शाहरुख को उस बंगले की तरफ देखते हुए और बातें करते सुना, तो उन्हें महसूस हो गया था कि इस युवा के सपने बहुत बड़े हैं। शाहरुख ने आगे चलकर अपनी लगन और कड़ी मेहनत के दम पर न केवल उसी विला को खरीदा बल्कि उसे अपने सपनों के आशियाने 'मन्नत' में तब्दील कर दिया।

'तेजाब' की ऐतिहासिक सफलता और अनिल कपूर-शाहरुख खान का अनोखा बॉन्ड

साल 1988 में रिलीज हुई निर्देशक एन चंद्रा की फिल्म 'तेजाब' ने अनिल कपूर के करियर को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया था। 'मुन्ना' के किरदार में अनिल कपूर की एक्टिंग और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी केमिस्ट्री ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। अनिल कपूर ने कहा कि 'तेजाब' उनके दिल के बेहद करीब है और उस फिल्म से जुड़े हर स्थान और किस्से उनके जीवन की सबसे खूबसूरत पूंजियों में से एक हैं। शाहरुख खान के साथ अपने संबंधों पर बात करते हुए अनिल ने कहा कि वे हमेशा से शाहरुख की सफलता के प्रशंसक रहे हैं। एक संघर्षशील युवा से लेकर 'किंग ऑफ बॉलीवुड' बनने तक का शाहरुख का सफर हर नए कलाकार के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मन्नत केवल एक बंगला नहीं बल्कि मेहनत और सपनों की सबसे बड़ी मिसाल है

बातचीत के अंत में अनिल कपूर ने भावुक होते हुए कहा कि शाहरुख का 'मन्नत' केवल पत्थरों और सीमेंट से बना एक आलीशान घर नहीं है, बल्कि यह इस बात का जीता-जागता सबूत है कि अगर इंसान के सपनों में सच्चाई हो और आंखों में जुनून हो, तो दुनिया का कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब वे 'मन्नत' के बाहर प्रशंसकों का समंदर देखते हैं जो अपने चहेते सितारे की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं, तो उन्हें 80 के दशक का वह दौर याद आ जाता है जब शाहरुख की आंखों में उन्होंने यह सपना पहली बार देखा था। अनिल कपूर द्वारा सुनाया गया यह किस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सिनेमा प्रेमी दो महान सितारों के इस पुराने जुड़ाव की जमकर तारीफ कर रहे हैं।