खेलते-खेलते पानी के हौद में गिरी 2 साल की मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत

खेलते-खेलते पानी के हौद में गिरी 2 साल की मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत

हरियाणा के अंबाला जिले से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक खबर सामने आ रही है, जहां एक पल की लापरवाही ने एक गरीब प्रवासी परिवार की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। यहां के एक इलाके में अपने घर के पास खेलते समय महज दो साल की मासूम बच्ची अचानक पानी से भरे खुले हौद में जा गिरी। काफी देर तक जब बच्ची परिजनों को दिखाई नहीं दी, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जब मासूम का शरीर पानी के हौद में तैरता मिला, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में बच्ची को इलाज के लिए नजदीकी नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला है, जो रोजी-रोटी की तलाश में अंबाला में आकर मजदूरी कर रहा था। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा: खेलते-खेलते अचानक ओझल हो गई मासूम की नजर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेगूसराय (बिहार) निवासी यह गरीब प्रवासी परिवार पिछले कुछ समय से अंबाला के एक मकान या निर्माणाधीन स्थल के पास किराए पर रहकर मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहा था। घटना वाले दिन 2 साल की मासूम बच्ची घर के बाहर आंगन में बाकी बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक परिजनों की नजरों से ओझल होकर पास में ही बने पानी के खुले टैंक (हौद) के करीब पहुंच गई। पानी के हौद पर कोई मजबूत ढक्कन या सुरक्षा घेरा नहीं बना हुआ था। खेलते वक्त अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण मासूम बच्ची सीधे पानी से भरे उस गहरे हौद में जा गिरी। चूंकि बच्ची बहुत छोटी थी, इसलिए वह खुद को बाहर नहीं निकाल सकी और पानी में दम घुटने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

जब पानी में तैरती मिली मासूम: बेगूसराय के परिवार में मचा कोहराम

काफी देर तक जब घर के बाहर बच्ची की आवाज सुनाई नहीं दी, तो उसकी मां और पिता उसे ढूंढने के लिए बाहर निकले। आसपास के घरों और गलियों में तलाश करने के बाद जब परिजनों ने पानी के हौद के अंदर झांका, तो वहां का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। मासूम बच्ची पानी के भीतर बेसुध पड़ी हुई थी। परिजनों ने तुरंत बच्ची को बाहर निकाला और बिना कोई वक्त गंवाए उसे लेकर तुरंत अस्पताल भागे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। मासूम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही बेगूसराय से आए इस मजदूर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार गश खाकर गिर रही है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई: खुले हौद और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह मामला दुर्घटनावश पानी में डूबने का लग रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। इस हृदय विदारक हादसे ने एक बार फिर से रिहायशी इलाकों और निर्माणाधीन स्थलों पर खुले पड़े पानी के टैंकों, कुओं और हौदों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हौद पर ढक्कन लगा होता या सही सुरक्षा इंतजाम होते, तो आज एक मासूम की जान बच सकती थी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरतें सावधानी: खुले पानी के स्रोतों से बनाए रखें दूरी

यह दुखद घटना उन सभी माता-पिता और मकान मालिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने घरों या आसपास पानी के हौद, समरसेबल गड्ढे या पानी की टंकियों को खुला छोड़ देते हैं। बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों की गतिविधि पर हर पल नजर रखना बेहद जरूरी होता है। विशेषकर छोटे बच्चों वाले घरों में पानी से भरे बाल्टी, टब और भूमिगत हौदों को हमेशा मजबूत ढक्कन से ढका जाना चाहिए। जरा सी नजर हटने से इतना बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी भरपाई जिंदगी भर नहीं की जा सकती। बेगूसराय के इस पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए आसपास के प्रवासी मजदूर और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, लेकिन मासूम के जाने का गम कभी पूरा नहीं किया जा सकता।