बिहार में बदला मौसम का मिजाज: सीतामढ़ी और मधुबनी में भारी बारिश का रेड अलर्ट
बिहार के मौसम में एक बार फिर से बड़ा और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव और नमीयुक्त हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उत्तर बिहार के दो प्रमुख जिलों—सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट (Red Alert) जारी कर दिया है। इसके साथ ही राज्य के लगभग 16 से ज्यादा जिलों में अलग-अलग स्तर पर ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया गया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अक्टूबर के आखिरी दिनों में ही सिहरन भरी ठंड और सुबह के वक्त हल्का कोहरा महसूस होने लगा है। आइए जानते हैं मौसम विभाग की इस ताजा रिपोर्ट में बिहार के विभिन्न जिलों का हाल और क्या हैं सुरक्षा के जरूरी उपाय।
सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट घोषित: अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी और मधुबनी में चक्रवात के असर से सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। इन दोनों जिलों के कई इलाकों में मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आसमान में काले बादलों का डेरा है और तेज हवाओं के साथ-साथ बादलों की गरज और वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) का भयंकर खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने रेड अलर्ट वाले इन दोनों जिलों के नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल शरण न लें, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम में लाइटनिंग (वज्रपात) की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं।
पटना समेत कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट: झमाझम बारिश से बदला तापमान
राजधानी पटना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी पिछले कुछ दिनों से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और दरभंगा समेत कई जिलों में ऑरेंज वार्निंग जारी की है, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश के छींटे पड़ने की आशंका है। इसके अलावा पटना, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर समेत करीब डेढ़ दर्जन जिलों को येलो जोन में रखा गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही मानसूनी और चक्रवाती बारिश के कारण पटना सहित कई जिलों के तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को अब हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
खेती-किसानी और फसलों पर मंडराया संकट: किसानों के लिए चिंता का सबब बना मौसम
अक्टूबर के इस अंतिम दौर में अचानक आए इस चक्रवाती बदलाव और बेमौसम बरसात ने बिहार के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धान की फसल जो कटाई के मुहाने पर है या खेतों में पककर तैयार खड़ी है, उसे इस तेज हवा और भारी बारिश से भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि उनकी फसल कटकर खेतों में पड़ी है, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थानों या ऊंचे शेड के नीचे सुरक्षित रख लें। खेतों में जलभराव होने से धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासनिक अमला भी किसानों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित नुकसान का आकलन समय रहते किया जा सके।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद: नागरिकों के लिए मौसम विभाग की सख्त हिदायत
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र ने संयुक्त रूप से आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पक्के मकानों या सुरक्षित इमारतों के अंदर ही रहें। कच्चे मकानों या जर्जर दीवारों के पास खड़े होने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है क्योंकि अचानक बदले मौसम और ठंडक से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में इस वेदर सिस्टम का असर बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि तब तक लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की सख्त जरूरत है।