Election Commission : मतदान का अधिकार जाएगा पांच हजार जुर्माना एक साल की जेल
- by Archana
- 2025-08-05 14:41:00
Newsindia live,Digital Desk: भारतीय लोकतंत्र में मतदान का अधिकार हर नागरिक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है यह हमें अपनी पसंद की सरकार चुनने की शक्ति देता है वोटर आई डी कार्ड इसी अधिकार का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक व्यक्ति के पास एक से अधिक वोटर आई डी कार्ड होना अवैध है यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है यह दंड कारावास से लेकर मतदान का अधिकार खोने तक हो सकता है
भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार हर नागरिक को केवल एक ही वोटर आई डी कार्ड रखने की अनुमति है यह मतदाता सूची की अखंडता और निष्पक्ष चुनावों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है यदि किसी व्यक्ति के पास जानबूझकर दो वोटर आई डी कार्ड पाए जाते हैं तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाती है
ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधान काफी सख्त हैं जन प्रतिनिधित्व अधिनियम उन्नीस सौ पचास की धारा इक्कीस एक के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक मतदाता सूची में अपना नाम पंजीकृत नहीं करा सकता है इसके अतिरिक्त जन प्रतिनिधित्व अधिनियम उन्नीस सौ पचास की धारा इक्कीस चार और धारा सत्रह व धारा इकत्तीस का भी उल्लंघन होता है यह अधिनियम मतदाता धोखाधड़ी को रोकने और मतदान प्रणाली की पवित्रता बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं
कानून का उल्लंघन करने पर कई तरह के दंड का प्रावधान है दोषी व्यक्ति को एक साल तक का कारावास हो सकता है या पाँच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं इसके अलावा मतदाता अपना वोट देने का अधिकार भी खो सकता है चुनाव आयोग मतदाता पहचान पत्र के दुरुपयोग के प्रति बेहद गंभीर है और यह सुनिश्चित करता है कि ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई हो
कभी-कभी लोग अनजाने में एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत हो जाते हैं जैसे स्थान बदलने के कारण ऐसे मामलों में उन्हें तुरंत चुनाव अधिकारियों से संपर्क करके एक स्थान से अपना नाम हटा देना चाहिए और नए पते पर अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए जागरूकता की कमी या अनजाने में हुई गलती के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानियों से बचने के लिए नागरिकों को इन नियमों के बारे में जागरूक होना चाहिए
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