Election Commission Bihar : बिहार की वोटर लिस्ट में बड़ा झोल, सैकड़ों नेपाली नागरिकों के नाम मिले, प्रशासन ने भेजा नोटिस
News India Live, Digital Desk: Election Commission Bihar : बिहार में जहां एक तरफ विपक्ष 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर सड़क पर आंदोलन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सीमावर्ती जिले पश्चिमी चंपारण से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इन आरोपों को और हवा दे दी है। जिले के नरकटियागंज अनुमंडल में प्रशासन द्वारा की गई जांच में सैकड़ों ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए हैं, जो असल में नेपाल के नागरिक हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ इस गड़बड़ी का खुलासा?
यह पूरा मामला चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान सामने आया। जब बूथ लेवल के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सर्वे कर रहे थे, तो उन्हें गौनाहा और सिकटा जैसे प्रखंडों के कई गांवों में कुछ गड़बड़ियां मिलीं। ये गांव नेपाल सीमा के काफी करीब हैं।
जांच में पाया गया कि इन गांवों में रहने वाले कई लोगों के पास नेपाल और भारत, दोनों देशों की नागरिकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने दोनों देशों के वोटर आईडी कार्ड भी बनवा रखे हैं। ये लोग नेपाल में भी वोट डालते हैं और भारत में भी।
प्रशासन ने उठाया सख्त कदम, भेजा नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरकटियागंज के एसडीओ (अनुमंडल पदाधिकारी) ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में गौनाहा प्रखंड में लगभग 226 और सिकटा में 150 से ज्यादा ऐसे संदिग्ध नाम सामने आए हैं। इन सभी लोगों को प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में इन लोगों से पूछा गया है कि वे अपनी भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। उनसे यह भी बताने को कहा गया है कि दोहरी नागरिकता रखना और दो देशों में वोट डालना एक कानूनी अपराध है, ऐसे में क्यों न उनका नाम भारत की मतदाता सूची से हटा दिया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी?
नरकटियागंज के एसडीओ ने बताया है कि यह एक गंभीर मामला है। जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, अगर वे तय समय के भीतर अपनी भारतीय नागरिकता का संतोषजनक प्रमाण नहीं दे पाते हैं, तो उनका नाम तुरंत वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि इन नेपाली नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में कैसे और किसकी मदद से जोड़े गए।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जैसे नेता मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे बिहार में 'Voter Adhkar Yatra' कर रहे हैं। इस खुलासे ने उनके इन आरोपों को और भी पुख्ता कर दिया है कि बिहार की वोटर लिस्ट में बड़ा 'झोल' चल रहा है।