राजस्थान में फिर सजेगी चुनावी चौपाल मार्च में होंगे पंचायत चुनाव, जानिए बूथों पर भीड़ को लेकर क्या है नया नियम
News India Live, Digital Desk: जहाँ शहर में लोग नई पार्टी और रिजॉल्यूशन में व्यस्त हैं, वहीं राजस्थान के गाँवों में अब लोग हार-जीत के समीकरण बिठाने लगे हैं। बात ही कुछ ऐसी है; राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दे दिए हैं कि राजस्थान में पंचायत चुनाव (Panchayat Polls in Rajasthan) इस साल मार्च के महीने में संपन्न कराए जा सकते हैं।
अभी से क्यों हो रही है इतनी चर्चा?
भले ही वोटिंग मार्च में होनी है, लेकिन उसकी ज़मीनी तैयारी जनवरी यानी इसी महीने से शुरू हो रही है। आयोग ने साफ़ कर दिया है कि चुनाव से पहले बूथों का पुर्नगठन और वोटर लिस्ट (Voter List 2026) का अपडेशन सबसे बड़ी चुनौती है। गाँव की सरकार चुनना कोई छोटा काम नहीं है, इसमें वार्डों के परिसीमन से लेकर हर छोटी इकाई की रिपोर्ट तैयार की जाती है।
वोटिंग बूथ पर बदला गया है बड़ा नियम
अक्सर पंचायत चुनावों के दौरान एक ही बूथ पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती थीं, जिससे विवाद की संभावना बढ़ जाती थी। इस बार प्रशासन ने फैसला लिया है कि प्रति बूथ मतदाताओं की सीमा (Voter limit per booth) को सीमित रखा जाए। कोशिश की जा रही है कि एक बूथ पर 900 से 1100 के करीब ही वोटर हों, ताकि शाम ढलने से पहले शांतिपूर्ण तरीके से मतदान पूरा हो सके। अगर किसी गाँव में वोटर ज़्यादा हैं, तो वहां नए बूथ बनाने पर विचार किया जा रहा है।
वोटर लिस्ट में नाम चेक करना न भूलें
आज नए साल के पहले दिन अगर आप अपने गाँव में हैं, तो ये पक्का कर लीजिये कि आपका या आपके परिवार का नाम मतदाता सूची में सही-सही चढ़ा हुआ है। इस बार आयोग 'ई-वोटर लिस्ट' के जरिए भी लोगों को अपना विवरण चेक करने की सुविधा दे रहा है। मार्च में जब चुनाव होंगे, तो यही सूची आपकी ताकत बनेगी।
मार्च की गर्मी और गाँवों का उत्साह
राजस्थान में मार्च के समय मौसम तो खुशनुमा होता ही है, लेकिन इस बार सियासी पारा उसे काफी गर्म कर देगा। सरपंच, पंच और ज़िला परिषदों की ये जंग अगले 5 सालों के विकास का रास्ता तय करेगी। प्रशासन का मानना है कि जनवरी और फरवरी का वक्त ट्रेनिंग और मशीनों (EVMs/Ballot Box) के इंतज़ाम में जाएगा, और होली के आसपास का समय गाँव की सरकार चुनने के लिए तय किया जा सकता है।
फिलहाल, अगर आप भी राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं या गाँव की सेवा करना चाहते हैं, तो यह सही समय है लोगों के बीच जाने का। याद रखिये, चुनाव सिर्फ़ सत्ता का खेल नहीं है, ये आपके गाँव के कल की तस्वीर है।