BREAKING:
March 21 2026 05:45 am

Duleep Trophy : अय्यर की धमाकेदार वापसी, जायसवाल पर निगाहें, घरेलू क्रिकेट का रोमांच चरम पर

Post

News India Live, Digital Desk: Duleep Trophy : जब भी भारत के घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट की बात होती है, तो दिलीप ट्रॉफी का नाम सबसे ऊपर आता है। यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने और टीम इंडिया से बाहर चल रहे बड़े नामों के लिए वापसी का एक मजबूत मंच है। इस साल के मुकाबलों में भी कुछ ऐसा ही रोमांच देखने को मिल रहा है, जहाँ एक तरफ साउथ ज़ोन और नॉर्थ ज़ोन की टीमें आमने-सामने हैं, तो दूसरी तरफ वेस्ट ज़ोन और सेंट्रल ज़ोन के बीच खिताबी भिड़ंत की दौड़ जारी है।

इन मुकाबलों में सबकी नजरें कुछ बड़े खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जिनमें श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल और शार्दुल ठाकुर जैसे नाम शामिल हैं।

श्रेयस अय्यर का आलोचकों को जवाब

भारतीय टीम में अपनी जगह वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे श्रेयस अय्यर के लिए यह टूर्नामेंट किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। पहली पारी में शून्य पर आउट होने के बाद उन पर काफी दबाव था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने शानदार वापसी की। इंडिया डी की कप्तानी कर रहे अय्यर ने मुश्किल समय में पिच पर आकर सिर्फ 37 गेंदों पर ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ दिया। उनकी इस पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल था, जिसने दिखा दिया कि उनमें वापसी का जज्बा अभी बाकी है।

हालांकि, वे अपनी पारी को और आगे नहीं बढ़ा सके और 50 रन बनाकर आउट हो गए। इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, लेकिन इस तेज-तर्रार अर्धशतक ने चयनकर्ताओं को एक मजबूत संदेश जरूर भेजा है।

यशस्वी जायसवाल और दूसरे दिग्गजों का प्रदर्शन

वेस्ट ज़ोन की टीम सितारों से सजी है, जिसमें यशस्वी जायसवाल, शार्दुल ठाकुर और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी हैं। जायसवाल, जो भारतीय टेस्ट टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य बन चुके हैं, इस टूर्नामेंट में अपनी फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे। उनका पिछला दिलीप ट्रॉफी रिकॉर्ड शानदार रहा है; उन्होंने 2022 के फाइनल में 265 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

वहीं, वेस्ट ज़ोन की कप्तानी कर रहे शार्दुल ठाकुर अपनी गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी से टीम को मजबूती दे रहे हैं। सेंट्रल ज़ोन के खिलाफ मुकाबले में वेस्ट ज़ोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जिससे जायसवाल और अय्यर जैसे बल्लेबाजों पर एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की जिम्मेदारी थी।

ये सेमीफाइनल मुकाबले सिर्फ फाइनल में जगह बनाने की जंग नहीं हैं, बल्कि यह भी तय करेंगे कि आने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए कौन से खिलाड़ी चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच पाते हैं।