दहेज ने निगल ली ज़िंदगी - बिहार की बेटी ने बस्तर में 11 साल तक सहा अत्याचार, फिर छत से कूदकर दी जान
करपावण्ड/बकावंड/बस्तर:भारत आज चाँद पर पहुँच चुका है, लेकिन समाज के कुछ लोग अब भी दहेज जैसी अमानवीय प्रथा में जकड़े हुए हैं। बस्तर से सामने आई यह दर्दनाक घटना उसी कड़वी हकीकत की याद दिलाती है जहाँ एक बेटी ने 11 साल तक अपमान, हिंसा और अत्याचार झेला और अंततः खुद अपनी ज़िंदगी खत्म कर ली।
बिहार के रोहतास जिले के अमीवार गाँव की रहने वाली सृष्टि उर्फ प्रिया गुप्ता की शादी करीब 12 साल पहले बस्तर जिले के करपावंड निवासी सत्येन्द्र गुप्ता से हुई थी। शादी के बाद सृष्टि ने अपने ससुराल को अपना संसार मान लिया था - सास-ससुर, पति, जेठ और जेठानी की सेवा में उसने अपनी जवानी, अपनी मुस्कान और अपने सपने सब कुछ कुर्बान कर दिए।
लेकिन उसके समर्पण की कीमत उसे रोज़ाना अपमान, मारपीट और दहेज की मांग के रूप में चुकानी पड़ी। परिवारजनों का कहना है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और उसकी सेहत इतनी बिगड़ गई थी कि शरीर में खून की कमी हो गई थी, फिर भी उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया।
15 अक्टूबर की सुबह सृष्टि अपने ससुराल की दुकान में झाड़ू लगा रही थी, तभी उसके जेठ संतोष गुप्ता और सास ने कथित तौर पर उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा। यह अपमान सृष्टि की सहनशक्ति तोड़ गया। रातभर वह दर्द और लज्जा से तड़पती रही और उसी रात अपने पिता विनोद प्रसाद गुप्ता को एक आखिरी संदेश भेजा —
“पापा, आपने सब कुछ दिया, फिर भी दहेज के लिए मुझे रोज मारा जा रहा है।
शरीर में खून की कमी है, डॉक्टर के पास नहीं ले गए।
बच्चे मुझसे दूर रखे जाते हैं। अब मैं जीना नहीं चाहती।”
यह एक बेटी की आखिरी पुकार थी, जिसे किसी ने नहीं सुना।अगली सुबह सृष्टि ने अपने घर की छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
जब पिता को खबर मिली, वे तत्काल बिहार से बस्तर पहुंचे -लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बेटी की अर्थी सामने थी। उन्होंने करपावंड थाने में हत्या का आवेदन देना चाहा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने आवेदन तक लेने से इनकार कर दिया।
सृष्टि के पिता का दावा है कि आरोपी खुलेआम कहते फिर रहे हैं “पुलिस से 15 लाख में डील हो गई है, अब हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”स्थानीय लोगों के विरोध और मीडिया के दबाव के बाद आखिरकार 11 दिन बाद पति सत्येन्द्र गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।हालांकि जेठ संतोष गुप्ता, सास और ससुर अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
थाना प्रभारी बसंत खलको ने बताया कि “मामला आत्महत्या के लिए उकसाने का दर्ज किया गया है और आरोपी पति को गिरफ्तार किया गया है।”वहीं सृष्टि के पिता का कहना है - “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या है।”
पुलिस ने आरोपी के घर से CCTV फुटेज जब्त किए हैं, जिनमें सृष्टि पर की गई रोज़ाना की मारपीट और घटना वाले दिन के दृश्य रिकॉर्ड बताए जा रहे हैं। यही वीडियो अब केस का सबसे अहम सबूत बन सकता है।सृष्टि अपने पीछे 11 साल की बेटी और 5 साल के बेटे को छोड़ गई है दो नन्हीं आंखें अब भी अपनी माँ की तलाश में हैं।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के उस काले साये की कहानी है जहाँ दहेज आज भी बेटियों की कब्र खोदता है।